सरकारी नौकरियों में अनुसूचित जाति (SC)और अनुसूचित जनजाति (ST) को पदोन्नति में आरक्षण मामले पर आज सुप्रीम कोर्ट अपना फैसला सुनाएगा. सुप्रीम कोर्ट में इस मामले को लेकर बीते साल 2021 में सुनवाई हुई थी. जिसके बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. आज जस्टिस एल नागेश्वर राव, जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस बीआर गवई की तीन सदस्यीय पीठ इस मामले पर अपना फैसला सुनाएगी.
केन्द्र सरकार ने दी थी यह दलील: सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान केन्द्र सरकार ने अपनी दलील में कहा था कि, आजादी के 75 सालों के बाद भी अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लोगों को जनरल क्लास के समान योग्यता के स्तर पर नहीं लाया जा सका है. केन्द्र सरकार ने कहा था कि यह कठोर सच्चाई है.
अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने शीर्ष न्यायालय से कहा था कि, इतने सालों के बाद भी एससी, एसटी और पिछड़ा वर्ग को लोगों के लिए ए ग्रेड की नौकरी में उच्च पद प्राप्त करना बहुत कठिन है. उन्होंने कोर्ट से कहा था कि अब समय आ गया है कि जब जब शीर्ष अदालत मामले को लेकर कोठ फैसला सुनाएं. गौरतलब है कि 2017 से ही देश भर में लाखों पदों पर नियुक्तियां अटकी हुई है.
Posted by: Pritish Sahay
