हाई-पावर्ड इंक्वायरी कमेटी (HPEC) प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस, पैरामिलिट्री फोर्स और दूसरे सुरक्षा कर्मियों द्वारा जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग, पैलेट गन, इलेक्ट्रिक बैटन, लाठीचार्ज और आंसू गैस का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल, महिला प्रदर्शनकारियों के साथ कथित हिंसा, पुलिस की निगरानी, भीड़ को काबू करने के तरीकों और पीड़ितों को मेडिकल मदद व मुआवजा देने जैसे मुद्दे की जांच करेगी.
कमेटी में कौन-कौन हैं शामिल?
सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस आर सुभाष रेड्डी हाई-पावर्ड इंक्वायरी कमेटी को लीड करेंगे. कमेटी के अन्य सदस्यों में पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के पूर्व चीफ़ जस्टिस रवि शंकर झा, दिल्ली हाई कोर्ट की पूर्व जज जस्टिस शालिंदर कौर, CBI के पूर्व डायरेक्टर ऋषि कुमार शुक्ला और मेघालय के रिटायर्ड डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस डॉ एलआर बिश्नोई शामिल हैं.
पुलिस कर्मियों के साथ हिंसा और सार्वजनिक संपत्तियों के नुकसान की भी जांच करेगी कमेटी
यह कमेटी पुलिस कर्मियों के साथ हिंसा और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के बारे में अधिकारियों द्वारा लगाए गए आरोपों पर भी विचार करेगी.
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