कर्नाटक : विदेशी पर्यटक के साथ दुर्व्यवहार के मामले में फुटपाथ दुकानदार गिरफ्तार, जानें पूरी कहानी

पुलिस ने बताया कि विदेशी पर्यटक नीदरलैंड का रहने वाला है और वह एक यूट्‌यूब ब्लाॅगर भी है. जिस वक्त दुर्घटना हुई उस वक्त वह युवक अपने यूट्‌यूब चैनल के लिए ब्लाॅग रिकार्ड कर रहा था.

बेंगलुरू के एक फुटपाथ दुकानदार को विदेशी पर्यटक के साथ दुर्व्यवहार करने के मामले में पुलिस ने गिफ्तार कर लिया है. यह जानकारी पुलिस की ओर से दी गयी है. पुलिस ने बताया कि विदेशी पर्यटक नीदरलैंड का रहने वाला है और वह एक यूट्‌यूब ब्लाॅगर भी है. जिस वक्त दुर्घटना हुई उस वक्त वह युवक अपने यूट्‌यूब चैनल के लिए ब्लाॅग रिकार्ड कर रहा था.

दुर्व्यवहार का वीडियो वायरल

इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल है, जिसमें विदेशी पर्यटक के साथ एक फुटपाथ दुकानदार बदतमीजी करता नजर आता है. इस वीडियो के वायरल होने के बाद पुलिस ने कार्रवाई की है और उस दुकानदार को गिरफ्तार कर लिया है. साथ ही पुलिस ने ट्‌वीट कर कहा है कि किसी भी विदेशी पर्यटक के साथ इस तरह का दुर्व्यवहार कतई बर्दाश्त नहीं किया जायेगा.

दो महीने पहले हुई थी घटना

कर्नाटक पुलिस के सूत्रों के हवाले से यह जानकारी सामने आयी है कि दुर्व्यवहार की यह घटना दो महीने पहले की है. वह विदेशी पर्यटक अपने देश वापस लौट चुका है. वायरल वीडियो में वह फुटपाथ दुकानदार को बहुत ही सज्जनता के साथ नमस्ते करता दिख रहा है, लेकिन वह दुकानदार उसके नमस्ते के जवाब में उसके साथ बदतमीजी करता दिख रहा है.

मामला दर्ज कर हुई कार्रवाई

बेंगलुरू वेस्ट डिवीजन के डीसीपी लक्ष्मण बी निमबार्गी ने कहा कि हमें बदतमीजी किये जाने के संबंध में जानकारी मिली थी इसलिए मामला दर्ज कर लिया गया है. आरोपी का नाम नवाब हयात शरीफ है, उसके खिलाफ कर्नाटक पुलिस एक्ट सेक्शन 92 के तहत मामला दर्ज किया गया है.

पर्यटक ने भारतीयों के साथ मस्ती भी की

जानकारी के अनुसार विदेशी पर्यटक का भारत में शूट किया गया कुछ और वीडियो भी वायरल हुआ है, जिसमें वह भारतीयों के साथ मस्ती करता नजर आ रहा है और वह काफी खुश भी नजर आ रआ है. विदेशी पर्यटकों के साथ दुर्व्यहार की वजह से देश की छवि धूमिल होती है इसलिए इस मसले को काफी गंभीरता के साथ लिया जा रहा है.

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लेखक के बारे में

Author: Rajneesh Anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है.पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों का अनुभव रखती हैं. झारखंड की राजधानी रांची में रहने वाली रजनीश ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की और वर्ष 2000-01 में पत्रकारिता की शुरुआत की. इन्होंने पहली नौकरी झारखंड जागरण दैनिक अखबार में की. उसके बाद इन्होंने प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस तथा दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य संस्करणों में काम करने के बाद वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. रजनीश आनंद की पहचान तथ्यपरक रिपोर्टिंग, गहन शोध और विश्लेषणात्मक लेखन के लिए है. उनकी रुचि राजनीति, सामाजिक सरोकारों, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों में रही है। उन्होंने हमेशा उन मुद्दों को प्राथमिकता दी है जो समाज के हाशिये पर खड़े लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की चर्चा में अपेक्षाकृत कम स्थान पाते हैं. वे कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर विस्तृत अध्ययन और रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान उन्होंने महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर कार्य किया. इसके अतिरिक्त सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत उन्होंने बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की. आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है. हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में भविष्य की चुनौतियों, रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए हैं. उनका मानना है कि ऊर्जा परिवर्तन की प्रक्रिया तभी सफल होगी जब उसमें प्रभावित समुदायों की भागीदारी और हितों को केंद्र में रखा जाए.पत्रकारिता उनके लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का माध्यम है. जमीनी रिपोर्टिंग, तथ्यों की पड़ताल और जनसरोकारों को केंद्र में रखकर लिखना उनकी कार्यशैली की विशेषता रही है. इसके अतिरिक्त रजनीश आनंद कहानियां और कविताएं लिखने का शौक भी रखती है.

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