स्टालिन ने बनाई चुनावी रणनीति, गांव-गांव और हर बूथ तक पहुंच मजबूत करेगी DMK

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने 2024 के बाद अगले विधानसभा चुनावों के लिए DMK की जीत सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना शुरू की है. इसका मुख्य उद्देश्य पार्टी को जमीनी स्तर पर, हर गांव और बूथ तक मजबूत करना है.

तमिलनाडु में सत्ताधारी द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) आने वाले विधानसभा चुनावों के लिए अपनी तैयारी तेज कर रही है. पार्टी को ग्राउंड लेवल पर मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है. पार्टी अध्यक्ष और मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की योजना पार्टी की पहुंच गांव-गांव और हर पोलिंग बूथ तक बढ़ाने की है. इसके जरिए जनता की नब्ज को समझा जा सके और हर कार्यकर्ता को चुनाव के लिए पूरी तरह तैयार किया जा सके.

बूथ लेवल पर पांच कार्यकर्ताओं की टीम

पार्टी की रणनीति में बूथ लेवल का संगठन सबसे अहम है. हर पोलिंग बूथ पर कम से कम पांच समर्पित कार्यकर्ताओं की टीम तैयार करने की योजना है. ये कार्यकर्ता लोकल लोगों की समस्याएं सुनेंगे, जैसे कि पानी की कमी, खराब सड़कें या लोकल डेवलपमेंट से जुड़ी शिकायतें, उन्हें पार्टी तक पहुंचाएंगे और DMK की नीतियों व उपलब्धियों, जैसे कि मुफ्त बिजली स्कीम, किसानों के लिए मदद या हेल्थ सेवाओं में सुधार, की जानकारी लोगों तक पहुंचाएंगे.

पार्टी का मानना है कि मजबूत बूथ नेटवर्क से चुनाव के दौरान कार्यकर्ताओं और वोटरों के बीच सीधा संपर्क बेहतर किया जा सकता है.

ग्राम सभा से जिला लेवल तक होगा री-ऑर्गनाइजेशन

DMK संगठन में ग्राम सभा, मंडलम और जिला लेवल पर भी बदलाव की तैयारी है. इसका मकसद लोकल लेवल पर पार्टी की एक्टिविटीज को ज्यादा इफेक्टिव बनाना और नए लीडर्स को जिम्मेदारी देना है. खासतौर पर युवा लीडर्स और कार्यकर्ताओं को संगठन में आगे बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा. वहीं, एक्सपीरियंस लीडर्स की मदद से युवा कैडर को तैयार करने की योजना है, ताकि पार्टी के पास फ्यूचर के लिए मजबूत लोकल लीडरशिप मौजूद रहे.

सोशल मीडिया और डेटा पर भी नजर

स्टालिन की योजना में डिजिटल माध्यमों को भी अहम जगह दी गई है. जिला लेवल पर सोशल मीडिया टीमों को एक्टिव करने और पार्टी की एक्टिविटीज को ऑनलाइन ज्यादा इफेक्टिव तरीके से लोगों तक पहुंचाने की तैयारी है. इसके अलावा वोटर डेटा के एनालिसिस के जरिए अलग-अलग एरिया और वोटरों तक बेहतर तरीके से पहुंच बनाने पर भी ध्यान दिया जाएगा.

AIADMK और BJP को टक्कर देने की तैयारी

DMK की इस कवायद का एक मकसद अपोजिशन पार्टियों, खासकर AIADMK और BJP के मुकाबले संगठन को मजबूत करना भी है. पार्टी लोकल इश्यूज को उठाने और अपोजिशन के आरोपों का जवाब देने के लिए कार्यकर्ताओं को ज्यादा एक्टिव करेगी. कम्युनिटी प्रोग्राम्स में पार्टिसिपेशन बढ़ाने और जनता के साथ लगातार संपर्क बनाए रखने पर भी जोर रहेगा.

चुनाव से पहले संगठन मजबूत करने पर जोर

स्टालिन की यह रणनीति केवल चुनावी समय में कैंपेन तक लिमिटेड रहने के बजाय लगातार जनता के बीच पार्टी की मौजूदगी बनाए रखने पर फोकस्ड है. बूथ लेवल के कार्यकर्ताओं, युवा लीडरशिप, लोकल संगठन और डिजिटल नेटवर्क को मजबूत करके DMK आने वाले चुनाव में अपनी पकड़ बनाए रखना चाहती है.


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By आलोक पाठक

आलोक पाठक वर्ष 2019 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अपने पत्रकारिता सफर के दौरान वे खबर मंत्र, गांडीव और नक्षत्र न्यूज़ जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं। वर्तमान में वे प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। हिंदी भाषा और लेखन के प्रति उनका विशेष लगाव है। उन्हें भू-राजनीति (Geopolitics) और राष्ट्रीय राजनीति से जुड़े विषयों पर लिखना पसंद है। निजी जीवन में कहानियां और कविताएं लिखना तथा कालजयी साहित्य का अध्ययन उनकी प्रमुख रुचियों में शामिल है। उनका प्रयास तथ्यों पर आधारित, सरल और प्रभावी लेखन के माध्यम से पाठकों तक सार्थक जानकारी पहुंचाना है।

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