आधा भारत नहीं जानता SMS के पीछे S, P, G या T का मतलब, जान लिया तो बच जाएंगे स्कैम से

SMS Scam Alert: दुनिया में जितनी तेजी से ऑनलाइन बाजार बढ़ता जा रहा है, उतनी ही तेजी से स्कैम के मामले बढ़ते जा रहे हैं. आये दिन ऑनलाइन धोखाधड़ी के केस हो रहे हैं. स्कैमर्स लोगों को आसानी से जाल में फंसा लेते हैं और चंद सेकंड में अकाउंट खाली कर देते हैं. हालांकि सरकार की ओर से हमेशा इसको लेकर लोगों को जागरूक किया जाता रहा और बताया जाता है कि कभी भी एक-दूसरे से अपनी निजी जानकारी, पासवर्ड, ओटीपी आदि शेयर नहीं करना चाहिए. इसके बावजूद लोग धोखाधड़ी के शिकार हो रहे हैं. इस आर्टिकल में आपको SMS से जुड़ी बेहद खास जानकारी देने वाले हैं. अगर आप एसएमएस को पहचान लेंगे, तो स्कैम से बच सकते हैं.

SMS Scam Alert: बदलते दौर में मोबाइल फोन हमारे जीवन का अहम हिस्सा बन चुका है. मोबाइल फोन चलता-फिरता बैंक है. जिसमें हमारी सारी जानकारी होती है. बैंक से लेकर निजी जीवन की हर वो जानकारी जिसके लीक होने से सब कुछ क्षण भर में लूट सकता है. वैसी स्थिति में हमें सजग और जागरूक रहने की जरूरत है. एक छोटी से गलती जीवन तबाह कर सकता है. आपको यहां हम SMS से जुड़ी, छोटी मगर बेहद खास जानकारी देने वाले हैं. जिसे जानने के बाद एसएमएस से जुड़े फ्रॉड से आप बच सकते हैं. हम अपने मोबाइल फोन के मैसेज बॉक्स को हमेशा चेक करते रहते हैं. लेकिन उस पर गौर नहीं करते. कहां से आया या फिर भेजने वाला कौन है? बस देखा और छोड़ दिया या फिर डिलीट कर दिया. लेकिन आपके मैसेज बॉक्स पर आये मैसेज में बेहद खास कोड लगे होते हैं, जिसे हर नागरिक को जानना चाहिए.

मैसेज के पीछे लगे कोड का मतलब जानें

G – अगर मैसेज के अंदर G लिखा हुआ है, तो ये सरकार की ओर से भेजा गया मैसेज है.
S – अगर मैसेज के अंदर S लिखा हुआ है, तो ये सर्विस रिलेटेड मैसेज है. जैसे बैंक से आए ओटीपी या फिर अकाउंट की जानकारी भेजी गई है.
T – अगर मैसेज के पीछे T लिखा हो तो ये बैंकिंग ट्रांजेक्शन का मैसेज है. जैसे डेबिट या क्रेडिट का अलर्ट.
P – अगर मैसेज के पीछे P लिखा हुआ है तो ये एक प्रमोशनल मैसेज है. जैसे सेल्स, ऑफर्स या एड.

फ्रॉड मैसेज की कैसे होगी पहचान

अगर मैसेज के पीछे कुछ नहीं लिखा हुआ है तो यहां आपको अलर्ट होने की जरूरत है. क्योंकि ये मैसेज स्कैमर्स की ओर से भेजा गया हो सकता है. यहां एक सवाल उठता है कि स्कैमर्स भी तो अपने मैसेज में ये सारे कोड लगा सकते हैं. लेकिन इसका जवाब है, नहीं. क्योंकि इसके लिए उन्हें TRAI के DLT यानी distributed ledger technology पर रजिस्टर कराना होता है. जो स्कैमर्स नहीं कर सकते हैं.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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