Shinde vs Thackeray: महाराष्ट्र के बाद दिल्ली में भी एकनाथ शिंदे का दबदबा, संसद भवन में शिवसेना ऑफिस पर कब्जा

eknath shinde vs uddhav thackeray लोकसभा सचिवालय ने संसद भवन में कमरा संख्या 128, एकनाथ शिंदे गुट को आवंटित कर दिया है. इससे पहले एकनाथ शिंदे गुट ने विधानसभा भवन में शिवसेना कार्यालय पर दावा ठोका.

महाराष्ट्र में सियासी भूचाल थमने का नाम नहीं ले रहा है. मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे गुट से उद्धव ठाकरे को एक के बाद एक झटका लग रहा है. विधानसभा सभा भवन में शिवसेना कार्यालय पर दावा ठोकने के बाद अब संसद भवन में भी शिवसेना कार्यालय पर शिंदे गुट ने कब्जा कर लिया है.

लोकसभा सचिवालय ने कमरा संख्या 128 शिंदे गुट को किया आवंटित

लोकसभा सचिवालय ने संसद भवन में कमरा संख्या 128, एकनाथ शिंदे गुट को आवंटित कर दिया है. इससे पहले एकनाथ शिंदे गुट ने विधानसभा भवन में शिवसेना कार्यालय पर दावा ठोका.

ठाकरे गुट के पूर्व पार्षदों ने बीएमसी मुख्यालय में शिवसेना के कार्यालय के बाहर डेरा डाला

महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले समूह के एक दर्जन से अधिक पूर्व पार्षदों ने बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) मुख्यालय में शिवसेना कार्यालय के बाहर डेरा डाला ताकि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले गुट द्वारा इस पर नियंत्रण करने के किसी भी प्रयास को विफल किया जा सके.

शिवसेना भवन को शिंदे गुट ने बताया मंदिर, कहा, नहीं करेंगे कब्जा

शिंदे ने कहा था कि असली शिवसेना के रूप में उनके गुट को मान्यता देने के निर्वाचन आयोग के फैसले के बाद पार्टी की किसी भी संपत्ति पर कोई दावा नहीं किया जाएगा क्योंकि हम बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा के वारिस हैं और हमें किसी प्रकार का लालच नहीं है. उन्होंने कहा, निर्वाचन आयोग ने शिवसेना के नाम और ‘तीर-कमान’ के चुनाव चिह्न पर नियमानुसार निर्णय लिया और ‘विधिमंडल’ (विधानमंडल परिसर) में स्थित कार्यालय शिवसेना का है. जहां तक संपत्ति का सवाल है, हमें कोई लालच नहीं है.

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महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री शिंदे ने शिवसेना की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक बुलाई

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे मंगलवार को शिवसेना की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक करेंगे. कुछ दिन पहले निर्वाचन आयोग ने उनके गुट को असली शिवसेना के रूप में मान्यता दी थी और उसे ‘तीर-कमान’ चुनाव चिन्ह आवंटित करने का आदेश दिया था. मुख्यमंत्री के एक करीबी सहयोगी ने कहा कि बैठक में शिवसेना के विधायक, सांसद और अन्य नेता शामिल होंगे, जो शिंदे के उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी से अलग होने के बाद से उनके साथ हैं.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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