#SheInspiresUs : पीएम मोदी समाज को प्रेरित करने वाली महिलाओं को सौंपेगे अपने सोशल मीडिया अकाउंट

SheInspiresUs :प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अब से कुछ देर पहले ट्‌वीट किया है कि इस महिला दिवस, मैं अपना सोशल मीडिया अकाउंट उन महिलाओं को समर्पित करूंगा जिनका जीवन और कार्य हमें प्रेरित करता है.

नयी दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अब से कुछ देर पहले ट्‌वीट किया है कि इस महिला दिवस, मैं अपना सोशल मीडिया अकाउंट उन महिलाओं को समर्पित करूंगा जिनका जीवन और कार्य हमें प्रेरित करता है. प्रधानमंत्री ने ट्वीट में कहा “क्या आप ऐसी महिला हैं? आप प्रेरित करने वाली किसी ऐसी महिला को जानते हैं? प्रधानमंत्री ने आग्रह किया है कि कि हैशटैग शी इंस्पायर अस का इस्तेमाल कर ऐसी कहानियां साझा करें”.

प्रधानमंत्री ने इस ट्‌वीट में #SheInspiresUs के साथ एक मुहिम की शुरुआत की है. इस मुहिम के तहत यह कहा जा रहा है कि जो महिला सशक्त होगी, उनके पास यह अवसर होगा कि वे पीएम मोदी के सोशल मीडिया एकाउंट को टेक ओवर कर लें. इस स्टोरी में वीडियो भी शामिल हो सकता है. अपनी स्टोरी को #SheInspiresUs के साथ ट्‌विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम पर पोस्ट करना है. प्रधानमंत्री ने सोमवार को यह ट्वीट कर सोशल मीडिया में हलचल पैदा कर दी थी, ‘‘सोच रहा हूं कि इस रविवार को फेसबुक, ट्विटर, इंस्ट्राग्राम एवं यूट्यूब पर अपना सोशल मीडिया अकाउंट बंद कर दूं. आप सभी को पोस्ट करूंगा (निर्णय की जानकारी देते हुए).” मोदी के इस ट्वीट को बाद में एक घंटे के भीतर करीब 26 हजार बार रिट्वीट किया गया.

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By Rajneesh anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

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