कांग्रेस नेता शशि थरूर ने शुक्रवार (7 अगस्त) को कहा कि CJP ने हाल के प्रदर्शनों में जिन मुद्दों को उठाया, वे कांग्रेस के छात्र संपर्क अभियान ‘छात्रों की गूंज’ का भी हिस्सा थे. हालांकि, उन्होंने माना कि कांग्रेस का यह अभियान लोगों के बीच उतना असर नहीं छोड़ सका, जितना CJP के विरोध-प्रदर्शन ने छोड़ा. थरूर ने कहा कि पार्टी को इस पर विचार करना होगा कि आखिर उससे कहां चूक हुई.
कांग्रेस नेता शशि थरूर ने कहा, “जंतर-मंतर पर CJP ने जिन मुद्दों को उठाया, हम उन्हें पहले ही उठा चुके थे. हमने ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम किया था, जिसमें राहुल गांधी छात्रों से पेपर लीक के मुद्दे पर बात कर रहे थे.”
कांग्रेस को आत्ममंथन करना चाहिए
कांग्रेस के छात्र संपर्क अभियान को CJP के प्रदर्शन जितनी प्रतिक्रिया नहीं मिलने की बात स्वीकार करते हुए थरूर ने कहा कि पार्टी को आत्ममंथन करना चाहिए. उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर कांग्रेस से कहां चूक हुई? क्या पार्टी छात्रों की बात ठीक से नहीं सुन पाई या फिर वह Gen Z यानी युवा पीढ़ी की नब्ज समझने में नाकाम रही?
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20 जून से विरोध प्रदर्शन शुरू किया CJP ने
CJP ने NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले को लेकर 20 जून से विरोध प्रदर्शन शुरू किया. प्रदर्शनकारियों ने सरकार से जवाबदेही तय करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की. यह आंदोलन बाद में देश के ‘Gen Z Protest’ के रूप में चर्चित हुआ. छात्रों के समर्थन में शिक्षाविद और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की. इसके बाद कई छात्र और सामाजिक कार्यकर्ता भी उनके साथ आंदोलन में शामिल हो गए.
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CJP ने 20 जुलाई को संसद मार्च का आह्वान किया. हालांकि, मार्च से कुछ दिन पहले सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से हटा दिया गया. 20 जुलाई को प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई की. इसके बाद यह मामला राजनीतिक विवाद में बदल गया. विपक्ष ने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई के दौरान पैलेट गन और AK-47 का इस्तेमाल किया गया. आंदोलन के बीच शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया.
