शरद पवार ने वीर सावरकर को प्रगतिशील सोच वाला बताया, कांग्रेस को परोक्ष रूप से दे दी ऐसी नसीहत

राकांपा प्रमुख शरद पवार ने कहा, सावरकर ने कई प्रगतिशील बातें कही हैं. जैसा कि मैंने पहले भी कहा था कि हमें सावरकर का प्रगतिशील पक्ष देखना चाहिए. आज वह यहां नहीं हैं. इसलिए जो यहां नहीं हैं उनके बारे में किसी विषय पर चर्चा करने की जरूरत नहीं है. सावरकर कोई राष्ट्रीय मुद्दा नहीं है.

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (Nationalist Congress Party) के प्रमुख शरद पवार ने वीर सावरकर को प्रगतिशील विचारों वाला बताया है. यह बयान उन्होंने ऐसे समय में दिया है, जब राहुल गांधी की टिप्पणी पर महाराष्ट्र में बवाल मचा है.

सावरकर का प्रगतिशील पक्ष देखना चाहिए : पवार

राकांपा प्रमुख शरद पवार ने कहा, सावरकर ने कई प्रगतिशील बातें कही हैं. जैसा कि मैंने पहले भी कहा था कि हमें सावरकर का प्रगतिशील पक्ष देखना चाहिए. आज वह यहां नहीं हैं. इसलिए जो यहां नहीं हैं उनके बारे में किसी विषय पर चर्चा करने की जरूरत नहीं है. सावरकर कोई राष्ट्रीय मुद्दा नहीं है.

पवार ने कांग्रेस से रुख नरम करने को कहा

कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा वी डी सावरकर की की तीखी आलोचना के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में आये भूचाल के बाद शरद पवार ने कांग्रेस नेतृत्व को इस मुद्दे पर शिवसेना की चिंताओं से अवगत कराया. विपक्षी नेताओं ने कहा कि कांग्रेस सावरकर की आलोचना के मामले में अपना रुख नरम करने पर सहमत हो गई है.

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सावरकर कभी भी आरएसएस के सदस्य नहीं थे : पवार

पवार ने राहुल गांधी को यह भी बताया कि सावरकर कभी भी आरएसएस के सदस्य नहीं थे और इस बात को रेखांकित किया कि विपक्षी दलों की असली लड़ाई प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ है.

सावरकर पर राहुल गांधी की टिप्पणी के बाद कांग्रेस-उद्धव ठाकरे गुट में दरार की स्थिति बन गयी थी

राहुल गांधी और कांग्रेस द्वारा सावरकर की आलोचना की वजह से महाराष्ट्र में उसके गठबंधन साझेदार राकांपा और शिवसेना में असहजता की स्थिति बन गयी थह. शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत ने कहा कि उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी के साथ अपनी बातचीत में सावरकर मुद्दे को उठाया था और एमवीए सहयोगियों के बीच इस मामले पर सहमति है. राउत ने कहा, एमवीए गठबंधन बरकरार है. यदि किसी को लगता है कि एमवीए टूट जाएगा, तो वह गलत है.

राहुल गांधी ने सावरकर पर क्या दिया था बयान

दरअसल सूरत कोर्ट से दो साल की सजा और संसद की सदस्यता खत्म होने के बाद राहुल गांधी ने धमाकेदार प्रेस कॉन्फ्रेंस किया था. जिसमें उन्होंने लंदन में दिये बयान पर बीजेपी की माफी की मांग पर कहा था कि वो सावरकर नहीं गांधी हैं और गांधी कभी माफी नहीं मांगते. राहुल के इस बयान के बाद जहां बीजेपी और आरएसएस ने विरोध किया था, वहीं महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और सांसद संजय राउत ने राहुल गांधी को सावरकर पर टिप्पणी करने से बचने की सवाल दे दी थी. कहा था कि सावरकर उनके आदर्श हैं, उनके खिलाफ टिप्पणी बर्दाश्त नहीं करेंगे.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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