SCO Meeting: एससीओ मीटिंग में पाकिस्तान से नहीं मिले हाथ… पाकिस्तान और चीन के विदश मंत्रियों का विदेश मंत्री एस जयशंकर ने नमस्ते से स्वागत किया. भारत की ओर से आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के सम्मेलन में शुक्रवार को पहुंचे अपने पाकिस्तानी समकक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी और चीन के छिन कांग का विदेश मंत्री एस जयशंकर ने नमस्ते से स्वागत किया. एससीओ के विदेश मंत्रियों की दो दिवसीय बैठक गुरुवार शाम ताज एक्सोटिका रिसॉर्ट में विदेश मंत्री जयशंकर की ओर से आयोजित स्वागत समारोह के साथ शुरू हुई.
नमस्ते से विदेश मंत्री ने किया अभिवादन: विदेश मंत्री ने आने वाले प्रत्येक विदेश मंत्री का हाथ मिलाकर नहीं बल्कि नमस्ते के साथ अभिवादन किया. बिलावल के प्रतिनिधिमंडल में शामिल कुछ लोगों के अनुसार, गुरुवार शाम के स्वागत समारोह में जयशंकर ने अन्य विदेश मंत्रियों के समान अपने पाकिस्तानी समकक्ष से हाथ मिलाया था. बिलावल गुरुवार को गोवा पहुंचे. गौरतलब है कि बीते 12 सालों में भारत का दौरा करने वाले वह पहले पाकिस्तानी विदेश मंत्री हैं. साल 2011 में पाकिस्तान की तत्कालीन विदेश मंत्री हिना रब्बानी खार ने भारत का दौरा किया और अपने तत्कालीन समकक्ष एस एम कृष्णा के साथ बातचीत की.
आतंकवाद का कोई औचित्य नहीं हो सकता: SCO शिखर सम्मेलन में विदेश मंत्री डॉ एस. जयशंकर ने कहा कि आतंकवाद रुकने का नाम नहीं ले रहा है. हमारा दृढ़ विश्वास है कि आतंकवाद का कोई औचित्य नहीं हो सकता है. इसे सीमा पार आतंकवाद सहित इसके सभी रूपों और अभिव्यक्तियों में रोका जाना चाहिए. आतंकवाद का मुकाबला करना SCO के मूल जनादेशों में से एक है.
क्या है एससीओ: भारत ने समूह के वर्तमान अध्यक्ष के रूप में एससीओ विदेश मंत्रियों के सम्मेलन की मेजबानी की. एससीओ एक प्रभावशाली आर्थिक और सुरक्षा समूह है तथा यह सबसे बड़े अंतर-क्षेत्रीय अंतरराष्ट्रीय संगठनों में से एक बनकर उभरा है. एससीओ की स्थापना रूस, चीन, किर्गिज गणराज्य, कजाकिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपतियों ने 2001 में शंघाई में एक सम्मेलन में की थी. भारत और पाकिस्तान 2017 में इसके स्थायी सदस्य बने थे.
