Sambhal Violence : पत्थरबाजों के पोस्टर लगवाएगी योगी सरकार, नुकसान की करेगी वसूली

Sambhal Violence: संभल हिंसा में शामिल 'पत्थरबाजों और उपद्रवियों' के पोस्टर यूपी की योगी सरकार लगवाएगी. जानें अबतक का अपडेट

Sambhal Violence: संभल में सांप्रदायिक हिंसा को लेकर योगी सरकार सख्त हो गई है. उत्तर प्रदेश सरकार हिंसा में हुए नुकसान की वसूली करेगी, जगह-जगह उपद्रवियों के पोस्टर लगाए जाएंगे. मामले में अबतक 72 लोगों की गिरफ्तारी हुई है. संभल शहर के मोहल्ला कोट पूर्वी में स्थित जामा मस्जिद के पिछले रविवार को हो रहे सर्वे के दौरान हिंसा भड़क उठी थी. इसमें चार लोगों की मौत हो गई थी. इस दौरान हुए पथराव में सार्वजनिक संपत्ति को भी नुकसान हुआ था.

यूपी की योगी सरकार की ओर से एक बयान जारी किया गया है. इसमें कहा गया, ”प्रदेश सरकार संभल में हुई हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त रुख अपना रही है. पत्थरबाजों और उपद्रवियों के पोस्टर जगह-जगह लगाए जाएंगे. उनसे नुकसान की वसूली की जाएगी. उनकी गिरफ्तारी के लिए सूचना देने वाले को इनाम भी दिया जाएगा.”

कोर्ट के आदेश के बाद होना था जामा मस्जिद का सर्वे

मुगल कालीन जामा मस्जिद में पिछले रविवार को कोर्ट के आदेश पर सर्वे का काम शुरू किया गया था. इसके विरोध में भड़की हिंसा में चार लोगों की मौत हो गई थी जबकि एक सब डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट सहित कम से कम 25 लोग घायल हो गए थे. इस दौरान हुए पथराव और आगजनी में सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचा था. पुलिस ने हिंसा के मामले में कुल 7 मुकदमे दर्ज किये हैं. उनमें से एक मुकदमा संभल से समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर रहमान बर्क और संभल सदर सीट से सपा के विधायक इकबाल महमूद के बेटे सुहेल के खिलाफ भी दर्ज है.

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पहले भी लगाए गए थे ऐसे पोस्टर

योगी सरकार ने वर्ष 2020 में भी इसी तरह की एक पहल की थी. इसमें संशोधित नागरिकता कानून के विरोध में हुई हिंसा के आरोपियों के पोस्टर सार्वजनिक स्थानों पर लगवाए थे. ये पोस्टर राज्य की राजधानी लखनऊ सहित कई स्थानों पर लगाए गए थे, लेकिन बाद में कोर्ट के आदेश पर उन्हें हटा दिया गया था.
(न्यूज एजेंसी पीटीआई से इनपुट लिए गए हैं.)

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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