कांग्रेस नेता वेणुगोपाल ने पीएम मोदी को लिखा पत्र, राममंदिर चंदा चोरी की जांच SC की निगरानी में कराने की मांग

Ram Mandir Donation : कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने यह आरोप लगाया है कि राम मंदिर चंदा चोरी के मामले में अबतक जो कार्रवाई हुई है, वह महज दिखावे के लिए की गई कार्रवाई है. इस मामले में असली दोषियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है. एसआईटी और उत्तर प्रदेश की पुलिस चंदा चोरी के केस की निष्पक्ष जांच नहीं करेगी.

Ram Mandir Donation : राम मंदिर के चंदे में हुई गड़बड़ी के बाद कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर आग्रह किया कि राम मंदिर के चढ़ावे में हुए गबन और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में किसी उच्च स्तरीय स्वतंत्र एजेंसी से कराई जाए. वेणुगोपाल ने दावा किया कि इस पूरे मामले से करोड़ों भारतीय नागरिकों की आस्था के साथ विश्वासघात हुआ है.

संस्थागत विफलता के संकेत मिले

केसी वेणुगोपाल ने अपने पत्र में यह लिखा है कि मामले की प्रारंभिक जांच में संगठित गिरोह के सक्रिय होने और हर स्तर पर ट्रस्ट के विफल के प्रमाण मिलते हैं. इस बात से यह स्पष्ट होता है कि यह कथित लूट संस्थागत संरक्षण के बिना संभव नहीं थी. कांग्रेस नेता ने दावा किया कि नकदी गिनने वाले कर्मचारियों ने नियमित निगरानी व्यवस्था को दरकिनार कर नकदी और बहुमूल्य आभूषणों की चोरी की. इतना ही नहीं इस पूरे साजिश के सबूत मिटाने के लिए कई महीनों की सीसीटीवी फुटेज नष्ट कर दी गई है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि गबन और चोरी की शिकायतों को या तो नजरअंदाज किया गया या फिर दबा दिया गया.

अनियमितताओं की चेतावनी को नजर अंदाज किया गया

केसी वेणुगोपाल ने अपने पत्र में कहा कि ट्रस्ट के पूर्व मुख्य लेखा अधिकारी द्वारा अनियमितताओं को लेकर दी गई चेतावनियों और भारतीय स्टेट बैंक की ओर से उठाए गए सवालों की भी अनदेखी की गई. कांग्रेस महासचिव ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) और उसके बाद दर्ज प्राथमिकी महज दिखावा है.उनका कहना था कि अब तक केवल निचले स्तर के कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई हुई है, जबकि असली दोषियों पर अबतक कोई कार्रवाई नहीं हुई है. वेणुगोपाल ने अपने पत्र में यह भी कहा है कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट वर्ष 2020 में केंद्र सरकार द्वारा गठित एक सार्वजनिक ट्रस्ट है और इसलिए इससे पारदर्शिता एवं जवाबदेही का पालन करना चाहिए. उन्होंने कहा कि इस तरह के आरोप हिंदू आस्था और भगवान राम के नाम पर स्थापित संस्था की पवित्रता के साथ बड़ा विश्वासघात हैं. उन्होंने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि आप इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करें और निष्पक्ष जांच कराएं.

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By Rajneesh Anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

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