Ram Mandir Ayodhya: नियति ने तय किया, इसके लिए पीएम मोदी को चुना... प्राण प्रतिष्ठा से पहले बोले आडवाणी

Ram Mandir Ayodhya: राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह से पहले बीजेपी के दिग्गज नेता रहे लाल कृष्ण आडवाणी का बड़ा बयान सामने आया है. वहीं, लालकृष्ण आडवाणी ने अपनी रथयात्रा दौर को याद करते हुए कहा कि 1990 के दौर में जब हमने रथ यात्रा की शुरुआत की थी वो...

Ram Mandir Ayodhya: राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह से पहले बीजेपी के दिग्गज नेता रहे लाल कृष्ण आडवाणी का बड़ा बयान सामने आया है. आडवाणी ने कहा है कि राम मंदिर बनने का फैसला नियति ने किया था. लालकृष्ण आडवाणी ने यह भी कहा कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राम मंदिर का प्राण प्रतिष्ठा करेंगे तब वे पूरे भारत के तमाम लोगों का प्रतिनिधित्व करेंगे. एक मासिक पत्रिका राष्ट्रधर्म से बात करते हुए उन्होंने रथ यात्रा का जिक्र किया साथ ही उस दौर की कई यादों को भा साझा किया.

रथ यात्रा के दौर को किया याद
लालकृष्ण आडवाणी ने अपनी रथयात्रा दौर को याद करते हुए कहा कि 1990 के दौर में जब हमने रथ यात्रा की शुरुआत की थी वो इस कदर जन आंदोलन बन जाएगा. इस दौरान उन्होंने कहा कि रथ यात्रा आंदोलन को आज 33 साल हो चुके हैं. अब अयोध्या में भव्य राम मंदिर बन रहा है. पूरा देश इस ऐतिहासिक क्षण का गवाह बन रहा है.

खल रही है वाजपेयी की कमी- आडवाणी

अपने लेख ‘राम मंदिर निर्माण, एक दिव्य स्वप्न की पूर्ति’ में आडवाणी ने राम मंदिर निर्माण के लिए 33 साल पहले निकाली गई रथ यात्रा का जिक्र किया और कहा कि उनका मानना है कि अयोध्या आंदोलन उनकी राजनीतिक यात्रा में सबसे निर्णायक और परिवर्तनकारी घटना थी जिसने उन्हें भारत को फिर से खोजने और इस प्रक्रिया में खुद को फिर से समझने का मौका दिया. राम मंदिर आंदोलन में सबसे आगे रहे भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेता ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को भी याद करते हुए कहा कि उन्हें अयोध्या में राम मंदिर के भव्य प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम से पहले उनकी कमी खल रही है.

नियति ने तय किया राम मंदिर बनना

सूत्रों ने कहा कि 16 जनवरी को 76 साल पुरानी हिंदी पत्रिका राष्ट्र धर्म के विशेष संस्करण में प्रकाशित होने वाले अपने लेख में आडवाणी ने उल्लेख किया है कि मौजूदा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पूरी रथ यात्रा के दौरान उनके साथ थे. सूत्र के मुताबिक आडवाणी ने कहा तब वह बहुत प्रसिद्ध नहीं थे. लेकिन उसी समय भगवान राम ने अपने मंदिर के पुनर्निर्माण के लिए अपने भक्त पीएम नरेंद्र मोदी को चुना था. आडवाणी ने कहा उस समय मुझे लगा कि नियति ने तय कर लिया है कि एक दिन अयोध्या में श्री राम का भव्य मंदिर जरूर बनेगा.

क्या अयोध्या जाएंगे लालकृष्ण आडवाणी?
गौरतलब है कि अयोध्या में 22 जनवरी को राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम प्रस्तावित है. भव्य आयोजन की जोर-शोर से तैयारी चल रही है. समारोह में शामिल होने के लिए लोगों को निमंत्रण पत्र भी भेजा जा रहा है. वहीं, खबर है कि बीजेपी के फायर ब्रांड नेता और देश के पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी भी समारोह में हिस्सा ले सकते हैं. बताया जा रहा है कि राम मंदिर आंदोलन के अग्रणी नेता रहे आडवाणी भी समारोह का हिस्सा होंगे. मासिक पत्रिका राष्ट्रधर्म से बात करते हुए खुद आडवाणी ने भी संकेत दिया कि वो शामिल हो सकते हैं.

प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम में शामिल होंगे आडवाणी
इससे पहले विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि लालकृष्ण आडवाणी के प्राण-प्रतिष्ठा समारोह में शामिल हो सकते हैं. उन्होंने न्यूज एजेंसी एएनआई के साथ बातचीत में बताया कि बीजेपी के दिग्गज नेता लालकृष्ण आडवाणी 22 जनवरी को अयोध्या में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होंगे. भाषा इनपुट के साथ

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Author: Pritish Sahay

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