चिदंबरम ने सवाल उठाया था कि BRICS की बैठकों से भारत को अब तक क्या ठोस फायदा मिला? इस पर राम माधव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चर्चित ‘नाराज फूफा’ वाले अंदाज में चिदंबरम पर तंज कसा. इंडिया टुडे के कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि भारत का दुनिया में बढ़ता असर विपक्ष को परेशान कर रहा है. माधव ने यह भी बताया कि बदलती वैश्विक राजनीति में भारत को अपनी भूमिका संतुलित रखनी होगी. उनके मुताबिक, नए विश्व व्यवस्था में भारत को सभी बड़े देशों के साथ रिश्ते बनाए रखने होंगे.
भारत इस साल नई दिल्ली में 18वें BRICS शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा. यह सम्मेलन 12 और 13 सितंबर को आयोजित किया जाएगा, जिसमें BRICS देशों के नेता और प्रतिनिधि शामिल होंगे. सम्मेलन में वैश्विक मुद्दों के साथ-साथ आपसी सहयोग और बदलती विश्व व्यवस्था पर चर्चा होने की उम्मीद है. इससे पहले पी. चिदंबरम ने BRICS बैठकों से भारत को हुए फायदे पर सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि पिछले 2-3 BRICS सम्मेलनों से भारत को कोई खास या ठोस फायदा नहीं मिला है.
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राम माधव ने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी ऐसे ही लोगों को ‘नाराज फूफा’ कहते हैं. जब यूपीए सरकार के समय BRICS सम्मेलन आयोजित हुए थे, तब क्या किसी ने पूछा था कि इससे भारत को क्या फायदा हुआ?”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘नाराज फूफा’ शब्द का इस्तेमाल किया था
सितंबर महीने की शुरुआत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में ‘नाराज फूफा’ शब्द का इस्तेमाल अपने आलोचकों और विपक्ष पर तंज कसने के लिए किया था. हालांकि, उन्होंने किसी नेता का नाम नहीं लिया था. इसके बाद सोशल मीडिया पर इस शब्द को लेकर कई मजेदार वीडियो और मीम्स वायरल होने लगे.
राम माधव ने कहा, “BRICS जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों को बेकार बताना आज की दुनिया की स्थिति को नहीं समझने जैसा है. खास बात यह है कि ऐसी बात एक ऐसे नेता की ओर से आई है, जो खुद देश के विदेश मंत्री रह चुके हैं. यह वही ‘नाराज फूफा’ वाला रवैया है.”
