Covid-19 संक्रमितों के इलाज के लिए प्लाज्मा थेरेपी की तैयारी कर रहा राजस्थान

कोरोना वायरस संक्रमण के इलाज में प्लाज्मा थेरेपी के कारगर सिद्ध होने के समाचारों के बीच राजस्थान सरकार ने भी प्लाज्मा थेरेपी से कोविड-19 के संक्रमितों के इलाज की तैयारी कर ली है.

जयपुर : कोरोना वायरस संक्रमण के इलाज में प्लाज्मा थेरेपी के कारगर सिद्ध होने के समाचारों के बीच राजस्थान सरकार ने भी प्लाज्मा थेरेपी से कोविड-19 के संक्रमितों के इलाज की तैयारी कर ली है और उसे अब सिर्फ भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) से अनुमति मिलने का इंतजार है. राज्य के चिकित्सा और स्वास्थ्य मंत्री डॉ रघु शर्मा ने शनिवार को यह जानकारी दी.

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उन्होंने बताया किकोरोना वायरस संक्रमण के इलाज के लिए राज्य में प्लाज्मा थेरेपी की तैयारी पूरी कर ली गयी है. उन्होंने कहा कि चिकित्सकों की टीम इसके लिए पूरी तरह तैयार है और सरकार ने अनुमति के लिए आईसीएमआर को लिखा है. अनुमति मिलते ही प्रदेश में (कोविड-19 के लिए) प्लाज्मा थेरेपी शुरू हो जाएगी.

डॉ शर्मा ने बताया कि प्लाज्मा चढ़ाने के लिए चिकित्सकों की टीम ने कोरोना वायरस संक्रमण से मुक्त हुए मरीजों के रक्त के नमूने ले लिये हैं. उन्होंने बताया कि संक्रमण मुक्त हुए व्यक्ति का प्लाज्मा लेकर गंभीर या स्टेज-टू के मरीजों के इलाज किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि आईसीएमआर की अनुमति के साथ सरकार लोगों का इस तरीके से इलाज शुरू कर देगी.

उन्होंने बताया कि शनिवार दोपहर तक कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या 2,061 हो गयी है. इनमें से 493 लोग संक्रमण मुक्त हो चुके हैं, जिनमें से 198 को अस्पताल से छुट्टी मिल चुकी है. उन्होंने बताया कि देश में सर्वाधिक लगभग 79 हजार जांच राजस्थान में हुई हैं. मंत्री ने कहा कि सरकार वैज्ञानिक तरीके से काम कर रही है. राज्य में जहां भी हॉटस्पॉट बने वहां सरकार ने वैज्ञानिक तरीके से काम करते हुए बढ़ते संक्रमण को रोकने की कोशिश की है. राज्य में पिछले सात दिन में संक्रमण का खतरा कम हुआ है.

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By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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