राजस्थान में जारी सियासी घमासान के बीच फोन टैपिंग मामले में एक नया मोड़ आया है. अब केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस केस में राजस्थान सरकार के मुख्य सचिव से जवाब देने को कहा है. बताया जा रहा है कि गृह मंत्रालय इस मामले पर करीब से नजर रख रहा है. दरअसल, फोन टैपिंग मामले में केंद्रीय मंत्री का नाम आने के बाद से मामले ने काफी तूल पकड़ा है. इंडिया टुडे के मुताबिक, गृह मंत्रालय ने पूरे मामले पर पूछा है कि किन-किन लोगों को फोन टैप किए गए और इसका मकसद क्या था?
गौरतलब है कि राजस्थान में उठे सियासी बवंडर को तेज करने वाले ऑडियो क्लिप मामले को लेकर भाजपा ने शनिवार को कांग्रेस पर तीखा हमला बोला और पूरे प्रकरण की सीबीआई जांच की मांग की. वहीं दूसरी ओर कांग्रेस ने पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि केंद्र की सत्तारूढ़ पार्टी ने स्वीकार कर लिया कि उसने विधायकों की खरीद-फरोख्त की है.
वहीं केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने हालांकि ऑडियो टेप में अपनी आवाज होने से साफ इंकार कर दिया था. विधायकों की खरीद फरोख्त से जुड़े कथित ऑडियो टेप के मामले में तीन लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई, जिसमें केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत का नाम भी शामिल है.
ऐसे सामने आया मामला
आपको बता दें कि राजस्थान सरकार के ओएसडी लोकेश शर्मा ने विधायकों की खरीद-फरोख्त का एक ऑडियो टेप जारी किया, जिसके बाद आरोप लगाया गया कि राजस्थान सरकार को गिराने की साजिश की गई है. कहा जा रहा है कि गजेंद्र सिंह शेखावत संजय जैन के जरिए विधायक भंवरलाल के संपर्क में थे. ऑडियो टेप की सच्चाई की जांच होने तक कांग्रेस विधायक भंवरलाल शर्मा और विश्वेंद्र सिंह को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया गया है और दोनों को कारण बताओ नोटिस दिया गया. वहीं इस मामले में सचिन पायलट को भी नोटिस जारी किया गया.
स्पेशल बाड़ाबंदी कर रही गहलोत सरकार
ऑडियो टेप मामले में गजेन्द्र सिंह का नाम सामने आने पर अब केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत भी लगातार गहलोत सरकार पर निशाना साध रहे हैं. शेखावत ने एक बार फिर ट्वीट कर गहलोत सरकार पर निशाना साधा है. अपने ट्वीट में शेखावत ने लिखा कि गहलोत सरकार की स्पेशल बाड़ाबंदी : खेलो-नाचो-गाओ, पकाओ-खाओ… मगर राजस्थान की बेहाल जनता के लिए काम करना मना है.
Posted By: Utpal kant
