राजा रघुवंशी हत्याकांड मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस पीबी वराले की पीठ ने कहा कि इस समय सोनम का जेल से बाहर रहना चल रही सुनवाई को प्रभावित कर सकता है. कोर्ट ने कहा कि मामले की जांच और ट्रायल को देखते हुए जमानत का आदेश रद्द किया जा रहा है. सुप्रीम कोर्ट ने सोनम को दो हफ्ते के अंदर सरेंडर करने का निर्देश दिया है. हालांकि, कोर्ट ने यह भी कहा है कि अगर छह महीने के अंदर ट्रायल पूरा नहीं होता है, तो सोनम दोबारा जमानत के लिए निचली अदालत में आवेदन दे सकती हैं.
शीर्ष कोर्ट ने सोनम को जमानत दिए जाने के खिलाफ मेघालय सरकार की याचिका स्वीकार कर ली.
सोनम के वकील अजय सिंह ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब सोनम को दोबारा हिरासत में जाना होगा. उन्होंने बताया कि सोनम अगले छह महीने तक न्यायिक हिरासत में रहेंगी. अगर इस दौरान मामले की सुनवाई पूरी नहीं होती है, तो वह फिर से जमानत के लिए आवेदन कर सकती हैं.
सोनम रघुवंशी पर क्या है आरोप?
मध्य प्रदेश के इंदौर की रहने वाली सोनम रघुवंशी को अपने पति राजा रघुवंशी की हत्या के मामले में पिछले साल जून में गिरफ्तार किया गया था. राजा और सोनम 23 मई 2025 को मेघालय के सोहरा इलाके में घूमने गए थे, जहां से दोनों अचानक लापता हो गए थे. इसके बाद 2 जून को राजा का शव एक गहरी खाई से बरामद हुआ था. पुलिस का आरोप है कि सोनम ने कुछ लोगों के साथ मिलकर पैसों के लिए अपने पति की हत्या की साजिश रची थी.
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