Railway: एआई तकनीक और ‘कवच’ से और सुरक्षित बनेगा रेल

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भारतीय रेलवे की स्वदेशी ट्रेन सुरक्षा प्रणाली ‘कवच’ के क्रियान्वयन की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिये कि इस सिस्टम को तेजी से लागू किया जाए ताकि ट्रेन यात्रा और ज्यादा सुरक्षित बन सके.

Railway: भारतीय रेलवे की स्वदेशी ट्रेन सुरक्षा प्रणाली ‘कवच’ की प्रगति की मंगलवार को समीक्षा की गयी. बैठक में इस परियोजना को तेज़ी से आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया, ताकि देशभर में ट्रेन यात्रा और अधिक सुरक्षित बन सके. साथ ही ‘कवच’ के विस्तार, नयी तकनीकों के उपयोग और सिस्टम को बेहतर बनाने पर चर्चा हुई. सरकार का लक्ष्य आधुनिक तकनीक के जरिए रेलवे सुरक्षा को नई ऊंचाइयों तक ले जाना है. 


‘कवच’ को मजबूत बनाने के लिए रेलवे लगातार नयी तकनीक जोड़ रहा है. ‘यूनिवर्सल ब्रेकिंग एल्गोरिद्म’ (यूबीए) के जरिए अलग-अलग कंपनियों के उपकरण एक साथ काम कर सकेंगे, जिससे समय की बचत होगी. इसके अलावा एआई आधारित डिजाइन और ऑटोमेशन से सिस्टम को और अधिक भरोसेमंद और सटीक बनाया जा रहा है. रेलवे लोकोमोटिव, सिग्नलिंग और ट्रैक मशीनों के बीच बेहतर तालमेल पर काम कर रहा है. साथ ही ‘सुरक्षा’ नाम का केंद्रीकृत मॉनिटरिंग सिस्टम विकसित किया जा रहा है, जो ट्रेनों की रियल-टाइम निगरानी कर असामान्य स्थिति की तुरंत जानकारी देगा, जिससे दुर्घटनाएं कम होंगी.

तेजी से बढ़ रहा काम

रेल मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, अब तक 3,103 रूट किलोमीटर पर ‘कवच’ प्रणाली लगायी जा चुकी है, जबकि 24,427 रूट किलोमीटर पर काम तेजी से चल रहा है. कवच 4.0 के तहत कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की गई हैं. जिसमें 1,638 किमी पर सिस्टम चालू हो चुका है, जिसमें दिल्ली–मुंबई और दिल्ली–हावड़ा जैसे व्यस्त रूट शामिल हैं. हाल ही में प्रयागराज-कानपुर (190 किमी) सेक्शन पर भी ‘कवच’ लागू किया गया है. 7,100 किमी पर ट्रैक के किनारे जरूरी उपकरण लगाए जा रहे हैं. 8,921 किमी तक ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाई जा चुकी है.1,183 टेलीकॉम टावर और 767 स्टेशनों पर डेटा सेंटर तैयार किए गए हैं. 4,277 इंजनों में ‘कवच’ लगाया जा चुका है, जबकि 8,979 इंजनों में काम जारी है. 

आगे का लक्ष्य 

गौरतलब है कि रेलवे ने आने वाले समय के लिए भी बड़ा लक्ष्य तय किया है. अगले दो वर्षों में 9,000 रूट किलोमीटर पर ‘कवच’ लगाने की योजना है. इसके बाद हर साल करीब 10,000 रूट किलोमीटर तक इसका विस्तार करने का लक्ष्य रखा गया है. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस काम में तेजी लाये, जिससे सुरक्षा और अधिक मजबूत हो सके. साथ ही उन्होंने कहा कि ‘कवच’ जैसी स्वदेशी तकनीक भारत को रेलवे सुरक्षा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बना रही है. उन्होंने भरोसा जताया कि इस प्रणाली के पूरी तरह लागू होने के बाद ट्रेन दुर्घटनाओं में कमी आएगी और यात्रियों का सफर पहले से ज्यादा सुरक्षित और भरोसेमंद बनेगा.

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By Anjani Kumar Singh

Anjani Kumar Singh is a contributor at Prabhat Khabar.

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