राहुल गांधी का बीजेपी-RSS पर हमला, कहा- देश में इस समय मुख्य लड़ाई विचारधारा की है

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने हरा-भरा स्वराज: राजीव गांधी विजन श्रद्धांजलि कार्यक्रम को संबोधित करते हुए RSS और केंद्र सरकार पर हमला बोला. उन्होंने कहा कि देश में इस वक्त मुख्य लड़ाई विचारधारा की है और RSS यह मानकर बैठा है कि वह भारत के 1.5 अरब लोगों की सच्चाई जानता है, जो कि सरासर गलत है.

राहुल गांधी ने कहा, "RSS के साथ मेरी सबसे बड़ी समस्या यही है. उन्होंने तय कर लिया है कि वे 1.5 अरब लोगों का सच जानते हैं. जबकि सच यह है कि इस देश के लोग ही अपनी सच्चाई खुद जान सकते हैं। अगर मैं भी यह मानने लगूं कि मैं आपकी सच्चाई जानता हूं, तो यह मेरी बेवकूफी होगी क्योंकि मैंने वे हालात नहीं देखे जो आपने देखे हैं." उन्होंने आगे कहा कि आज देश में लड़ाई पर्यावरण या मीडिया की आजादी से कहीं ज्यादा वैचारिक है. कुछ लोगों ने सिस्टम पर कब्जा कर लिया है और वे हर नागरिक पर अपनी सोच थोप रहे हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि 'मैं छात्रों को माफ करता हूं' जैसे बयान यह दिखाते हैं कि सत्ता में बैठे लोग खुद को सर्वज्ञ और जनता को अज्ञानी मानते हैं.

'दो-तीन लोगों के एकाधिकार से नहीं मिलेगा स्वराज'

देश की आर्थिक स्थिति और पूंजीपतियों के कब्जे पर चिंता जताते हुए राहुल गांधी ने कहा, अगर देश के तमाम बिजनेस, एयरपोर्ट, बंदरगाह और सीमेंट कंपनियां कुछ चुनिंदा लोगों के पास होंगी, तो आम लोगों के लिए 'स्वराज' की कोई गुंजाइश नहीं बचेगी. उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी और राजीव गांधी का स्वराज का विजन ऐसी महंगी शिक्षा, अन्यायपूर्ण परीक्षा प्रणाली और एकाधिकार वाली वित्तीय व्यवस्था के साथ कभी साकार नहीं हो सकता. इसके लिए पंचायती राज, विधायकों और सांसदों तक फैली एक मजबूत और जमीनी राजनीतिक व्यवस्था की जरूरत है.


'17% अल्पसंख्यकों और वंचितों को हाशिए पर धकेलने की साजिश'

राहुल गांधी ने भाजपा पर सामाजिक ध्रुवीकरण का आरोप लगाते हुए कहा कि देश की 17% आबादी (मुसलमान, ईसाई, सिख) को यह अहसास कराया जा रहा है कि उनका कोई अस्तित्व ही नहीं है. वहीं 10% आदिवासियों की जमीनों पर नजर है और 15% दलितों के सामाजिक दमन की अनदेखी की जा रही है. उन्होंने जोर देकर कहा कि इस देश के हर व्यक्ति—चाहे वह किसी भी धर्म, समुदाय, उम्र या लिंग का हो—को यह महसूस होना चाहिए कि यह देश उसका है. इसी सोच और व्यवस्था को बदलने के लिए आज संघर्ष की जरूरत है.


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लेखक के बारे में

By अरबिंद कुमार मिश्रा

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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