लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को संसद भवन परिसर में पत्रकारों से कहा कि जब तक शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को बर्खास्त नहीं किया जाएगा, तब तक विपक्ष संसद में पेपरलीक के मसले पर कोई चर्चा नहीं करेगा. राहुल गांधी पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि नीट पेपर लीक मामले को लेकर छात्रों की तीन मांगें हैं और विपक्ष भी उन मांगों को पुरजोर तरीके से उठा रहा है.
छात्रों की तीन मांगें
- धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें
- छात्रों को पीटने वालों की जवाबदेही तय होनी चाहिए
- प्रधानमंत्री छात्रों से माफी मांगें
राहुल गांधी ने कहा कि जब तक धर्मेंद्र प्रधान को बर्खास्त नहीं किया जाता, हम कोई संवाद और चर्चा नहीं करेंगे.
राहुल गांधी ने कहा कि केंद्रीय मंत्री किरन रिजिजू ने सदन में कहा कि नीट पेपर लीक पर चर्चा होनी चाहिए. उन्होंने मेरा नाम लेकर कहा कि मैं अपने सांसदों को चर्चा के लिए तैयार करवाऊं. प्रोटोकाॅल के तहत जब किसी सदस्य का नाम लिया जाता है तो उसे जवाब देने का मौका दिया जाता है. इसी वजह से जब मैं रिजिजू की बात का जवाब देना चाह रहा था, मुझे बोलने का मौका नहीं मिला. मुझसे माइक ले लिया गया.
डीयू पर भी बरसे राहुल गांधी
इससे पहले राहुल गांधी ने दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) की तीखी आलोचना करते हुए शुक्रवार को सवाल किया था कि लोकतांत्रिक अधिकारों का इस्तेमाल करने वाले छात्रों को धमकाने की हिम्मत विश्वविद्यालय कैसे कर सकता है. राहुल गांधी ने अपने एक्स हैंडल पर डीयू के नोटिफिकेशन को रिपोस्ट करते हुए लिखा है कि आप ही वे लोग हैं जिन्हें समय आने पर जवाबदेह ठहराया जाएगा.
डीयू ने बृहस्पतिवार को जारी किया था नोटिस
डीयू ने बृहस्पतिवार को अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा है कि प्रिय छात्रों और शिक्षकों, आपकी सुरक्षा हमारे लिए महत्वपूर्ण है. कृपया ध्यान दें कि नयी दिल्ली के जंतर-मंतर पर होने वाली कोई भी गैरकानूनी सभा या प्रदर्शन को लेकर कानूनी कार्रवाई हो सकती है. विश्वविद्यालय ने कहा था कि ऐसी गतिविधियां छात्रों की व्यक्तिगत सुरक्षा के लिए गंभीर जोखिम पैदा कर सकती हैं और उनकी शैक्षणिक प्रगति तथा पेशेवर अवसरों को भी काफी प्रभावित कर सकती हैं.
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