राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो संदेश जारी कर इस बात की जानकारी दी कि इस आगामी कार्यक्रम से पहले उन्होंने और उनकी टीम ने देश की महिलाओं व छात्राओं से उनकी राय और उनके सामने आने वाली चुनौतियों पर विचार मांगे थे. उन्होंने वीडियो के साथ एक्स पर लिखा, "एक भारतीय महिला होने का क्या मतलब है? मैं जानना चाहती हूं कि आप क्या महसूस करती हैं. समाज या परिवार की बात नहीं - आपकी अपनी आवाज क्या कहती है? आपके संघर्ष, आपकी रुकावटें, आपका नजरिया और आपके सपने. आपकी कहानी क्या है? ज्यादा से ज्यादा जवाबों का इंतजार है."
महिलाओं के जवाबों पर राहुल गांधी ने व्यक्त की चिंता
राहुल गांधी ने वीडियो में अपने मोबाइल से कुछ छात्राओं और महिलाओं द्वारा भेजे गए संदेशों को पढ़कर सुनाया. उन्होंने कहा कि भारतीय समाज में महिलाओं को किन-किन चुनौतियों, पूर्वाग्रहों और हिंसा का सामना करना पड़ता है, ये जवाब उसकी गंभीर तस्वीर पेश करते हैं.
राहुल गांधी ने वीडियो संदेश में क्या-क्या कहा?
- सामाजिक नियंत्रण और पितृसत्ता: महिलाओं ने लिखा कि उन्हें बचपन से ही यह याद दिलाया जाता है कि तुम्हें किसी और के घर जाना है और उसी हिसाब से उनका पालन-पोषण किया जाता है. साथ ही, चिंता के नाम पर उन पर लगातार नियंत्रण और पाबंदियां थोपी जाती हैं.
- पहनावे और सुरक्षा पर नियंत्रण: महिलाओं ने अपने संदेशों में साझा किया कि उन्हें यह कहकर अपनी पसंद के कपड़े पहनने से रोका जाता है कि पुरुष अपना नियंत्रण खो सकते हैं.
- सपनों का दमन और दोहरा रवैया: एक उत्तर में कहा गया कि समाज महिलाओं को अनसुना, शोषित, कमजोर और अत्यधिक काम में व्यस्त रखता है, लेकिन फिर केवल नाम के लिए देवी का दर्जा दे देता है.
- शिक्षा, पेपर लीक और सुरक्षा मुद्दे: छात्राओं ने अपनी समस्याओं का जिक्र करते हुए लिखा कि पेपर लीक, सस्ते कॉलेजों की कमी और पढ़ाई में थोड़ा पिछड़ने पर सीधे कम उम्र में शादी कर दिए जाने जैसी समस्याओं का सामना उन्हें करना पड़ता है. इसके अलावा, सरकारी व सामाजिक स्तर पर सुरक्षा की कमी और बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव भी एक बड़ी समस्या है.
"यह एक देशव्यापी संवाद की शुरुआत है"
वीडियो संदेश में राहुल गांधी ने कहा कि ये मुद्दे केवल महिलाओं के व्यक्तिगत अनुभव नहीं हैं, बल्कि ये उस व्यापक डर और पूर्वाग्रह को दर्शाते हैं जो समाज में महिलाओं के खिलाफ हथियार की तरह इस्तेमाल किया जाता है.
"यह इस तरह की चर्चा है जो हमें खुले तौर पर करने की आवश्यकता है, ताकि हम सब मिलकर उन परिस्थितियों और स्थितियों में सुधार कर सकें जिनका सामना भारतीय महिलाएं हर दिन अपने जीवन में करती हैं. मैं आप सभी छात्राओं और महिलाओं को पुणे में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में शामिल होने का निमंत्रण देता हूं." - राहुल गांधी
पुणे में 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम
कांग्रेस पार्टी का 'छात्रों की गूंज' अभियान देशभर में छात्रों की समस्याओं, शिक्षा में अनियमितताओं, पेपर लीक और रोजगार के अवसरों को लेकर चलाया जा रहा है. पुणे में आयोजित हो रहे इस विशेष कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवा महिलाओं को एक मंच प्रदान करना है, जहां वे बिना किसी डर के अपने विचार, अनुभव और मांगें देश के सामने रख सकें.
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