राहुल गांधी ने जारी किया वीडियो: पूछा, एक भारतीय महिला होने का क्या है मतलब ? कहा, जवाब का है इंतजार

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने एक्स पर अपना एक वीडियो शेयर किया है. 2 मिनट 39 सेकेंड के वीडियो में राहुल गांधी ने 'छात्रों की गूंज' (Chhatron Ki Goonj) कार्यक्रम का जिक्र किया. साथ ही उन्होंने छात्राओं और युवा महिलाओं के अधिकारों, उनकी सुरक्षा, सामाजिक बंधनों और शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर बात की. उन्होंने एक्स पर बताया 22 अगस्त को पुणे के AISSMS कॉलेज ग्राउंड में महामहिला रैली करने वाले हैं.

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो संदेश जारी कर इस बात की जानकारी दी कि इस आगामी कार्यक्रम से पहले उन्होंने और उनकी टीम ने देश की महिलाओं व छात्राओं से उनकी राय और उनके सामने आने वाली चुनौतियों पर विचार मांगे थे. उन्होंने वीडियो के साथ एक्स पर लिखा, "एक भारतीय महिला होने का क्या मतलब है? मैं जानना चाहती हूं कि आप क्या महसूस करती हैं. समाज या परिवार की बात नहीं - आपकी अपनी आवाज क्या कहती है? आपके संघर्ष, आपकी रुकावटें, आपका नजरिया और आपके सपने. आपकी कहानी क्या है? ज्यादा से ज्यादा जवाबों का इंतजार है."

महिलाओं के जवाबों पर राहुल गांधी ने व्यक्त की चिंता

राहुल गांधी ने वीडियो में अपने मोबाइल से कुछ छात्राओं और महिलाओं द्वारा भेजे गए संदेशों को पढ़कर सुनाया. उन्होंने कहा कि भारतीय समाज में महिलाओं को किन-किन चुनौतियों, पूर्वाग्रहों और हिंसा का सामना करना पड़ता है, ये जवाब उसकी गंभीर तस्वीर पेश करते हैं.


राहुल गांधी ने वीडियो संदेश में क्या-क्या कहा?

  • सामाजिक नियंत्रण और पितृसत्ता: महिलाओं ने लिखा कि उन्हें बचपन से ही यह याद दिलाया जाता है कि तुम्हें किसी और के घर जाना है और उसी हिसाब से उनका पालन-पोषण किया जाता है. साथ ही, चिंता के नाम पर उन पर लगातार नियंत्रण और पाबंदियां थोपी जाती हैं.
  • पहनावे और सुरक्षा पर नियंत्रण: महिलाओं ने अपने संदेशों में साझा किया कि उन्हें यह कहकर अपनी पसंद के कपड़े पहनने से रोका जाता है कि पुरुष अपना नियंत्रण खो सकते हैं.
  • सपनों का दमन और दोहरा रवैया: एक उत्तर में कहा गया कि समाज महिलाओं को अनसुना, शोषित, कमजोर और अत्यधिक काम में व्यस्त रखता है, लेकिन फिर केवल नाम के लिए देवी का दर्जा दे देता है.
  • शिक्षा, पेपर लीक और सुरक्षा मुद्दे: छात्राओं ने अपनी समस्याओं का जिक्र करते हुए लिखा कि पेपर लीक, सस्ते कॉलेजों की कमी और पढ़ाई में थोड़ा पिछड़ने पर सीधे कम उम्र में शादी कर दिए जाने जैसी समस्याओं का सामना उन्हें करना पड़ता है. इसके अलावा, सरकारी व सामाजिक स्तर पर सुरक्षा की कमी और बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव भी एक बड़ी समस्या है.

"यह एक देशव्यापी संवाद की शुरुआत है"

वीडियो संदेश में राहुल गांधी ने कहा कि ये मुद्दे केवल महिलाओं के व्यक्तिगत अनुभव नहीं हैं, बल्कि ये उस व्यापक डर और पूर्वाग्रह को दर्शाते हैं जो समाज में महिलाओं के खिलाफ हथियार की तरह इस्तेमाल किया जाता है.

"यह इस तरह की चर्चा है जो हमें खुले तौर पर करने की आवश्यकता है, ताकि हम सब मिलकर उन परिस्थितियों और स्थितियों में सुधार कर सकें जिनका सामना भारतीय महिलाएं हर दिन अपने जीवन में करती हैं. मैं आप सभी छात्राओं और महिलाओं को पुणे में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में शामिल होने का निमंत्रण देता हूं." - राहुल गांधी

पुणे में 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम

कांग्रेस पार्टी का 'छात्रों की गूंज' अभियान देशभर में छात्रों की समस्याओं, शिक्षा में अनियमितताओं, पेपर लीक और रोजगार के अवसरों को लेकर चलाया जा रहा है. पुणे में आयोजित हो रहे इस विशेष कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवा महिलाओं को एक मंच प्रदान करना है, जहां वे बिना किसी डर के अपने विचार, अनुभव और मांगें देश के सामने रख सकें.


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लेखक के बारे में

By अरबिंद कुमार मिश्रा

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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