कांग्रेस महासचिव एवं सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा 18 फरवरी से असम के दो दिवसीय दौरे पर रहेंगी. इस दौरान वह पार्टी के विभिन्न संगठनात्मक और राजनीतिक स्तरों पर कई अहम बैठकों में हिस्सा लेंगी. कांग्रेस की प्रदेश इकाई के एक वरिष्ठ नेता ने रविवार को यह जानकारी दी.
असम में आगामी कुछ महीनों में विधानसभा चुनाव होने की संभावना है, ऐसे में प्रियंका गांधी का यह दौरा राजनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. पार्टी सूत्रों के अनुसार, यह दौरा न सिर्फ संगठन को मजबूत करने के उद्देश्य से है, बल्कि आगामी चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देने की दिशा में भी एक अहम कदम है.
प्रियंका गांधी, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की महासचिव होने के साथ-साथ असम विधानसभा चुनाव के लिए गठित पार्टी की स्क्रीनिंग कमेटी की अध्यक्ष भी हैं. इस भूमिका में वह उम्मीदवारों के चयन और संगठनात्मक संतुलन को लेकर अहम फैसले लेंगी.
कांग्रेस की असम इकाई के महासचिव (संगठन) बिपुल गोगोई ने जारी एक बयान में बताया कि प्रियंका गांधी इन दो दिनों के दौरान पार्टी के विभिन्न पदाधिकारियों के साथ गहन विचार-विमर्श करेंगी. उनके कार्यक्रम में राजनीतिक मामलों की समिति, पार्टी विधायक, जिला अध्यक्ष, विधायक दल के नेता, कार्यकारी अध्यक्ष, सांसद, विभिन्न प्रकोष्ठों के प्रमुख और बूथ समिति के पदाधिकारी शामिल हैं.
गोगोई के अनुसार, ये बैठकें अलग-अलग चरणों में होंगी, जिनका मकसद जमीनी स्तर पर संगठन की स्थिति का आकलन करना और चुनावी तैयारियों की समीक्षा करना है. पार्टी नेतृत्व चाहता है कि बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय और एकजुट किया जाए, ताकि चुनाव में प्रभावी चुनौती पेश की जा सके.
प्रियंका गांधी 19 फरवरी की शाम को दिल्ली के लिए रवाना होंगी. असम विधानसभा की 126 सीटों के लिए चुनाव इस साल मार्च–अप्रैल में होने की संभावना है. कांग्रेस राज्य में कई अन्य विपक्षी दलों के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है. लोकसभा सदस्य इमरान मसूद, सप्तगिरि शंकर उलका और सिरिवेल्ला प्रसाद भी स्क्रीनिंग कमेटी के सदस्य हैं और चुनावी प्रक्रिया में उनकी भूमिका अहम मानी जा रही है.
वर्तमान असम विधान सभा की स्थिति क्या है?
वर्तमान में 126 सीटों वाली असम विधानसभा में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पास 64 सीटें हैं. उसके सहयोगी दलों में असम गण परिषद (AGP) के 9 विधायक, यूनाइटेड पीपल्स पार्टी लिबरल (UPPL) के 7 विधायक और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (BPF) के 3 विधायक हैं. पिछले दो बार से असम में भाजपा की ही सरकार है.
वहीं 2016 में सत्ता से बाहर हुई और विपक्ष में बैठी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के 26 सदस्य हैं. ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (AIUDF) के 15 विधायक और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) (CPI-M) का 1 विधायक शामिल है. इसके अलावा विधानसभा में 1 निर्दलीय विधायक भी है.
चुनाव तारीखों की घोषणा अभी तक नहीं
इस बार के चुनावों की तारीख फिलहाल नहीं आई है. हालांकि पिछली बार, 2021 में वोटिंग 27 मार्च से 6 अप्रैल तक हुई थी. किसी भी चुनाव का शेड्यूल कम से कम 1-2 महीने आता है. ऐसे में 2026 के चुनावों का नोटिफिकेशन जल्द ही आ सकता है.
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