Kharge On RSS And BJP: कांग्रेस नेता और कर्नाटक के मंत्री प्रियांक खरगे ने आरएसएस और बीजेपी पर बड़ा हमला बोला है. खरगे ने संघ को शैतान कहा है. उन्होंने संघ की वित्तीय पारदर्शिता और कानूनी स्थिति पर सवाल उठाते हुए भारतीय जनता पार्टी को “शैतान की परछाई’कहा है. प्रियांक खरगे ने बीजेपी की सफलता को आरएसएस से जोड़ने वाले भागवत के पुराने बयानों का हवाला देते हुए कहा, “भाजपा शैतान की परछाई है. हमें शैतान से लड़ना होगा. हमें शैतान से छुटकारा पाना होगा. ये परछाइयां अपने आप गायब हो जाएंगी.”
आरएसएस की फंडिंग पर प्रियांक ने उठाए सवाल
कांग्रेस नेता प्रियांक खरगे ने यह आरोप भागवत की उस टिप्पणी के एक दिन बाद लगाया है जिसमें आरएसएस प्रमुख ने कहा था कि हजारों संबद्ध संस्थाएं संगठन को चंदा दे रही हैं. न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत के दौरान खरगे ने कहा “वे रजिस्टर्ड नहीं हैं. वे पंजीकरण नहीं कराना चाहते.” उन्होंने कहा कि वो बस इतना कहना चाहते है “आप देश के कानून का पालन करें. अगर आप एक व्यक्ति हैं, तो इसका मतलब यह नहीं है कि आपको पंजीकृत नहीं होना चाहिए. कौन सा कानून ऐसा कहता है? आपको पंजीकृत होना चाहिए. मैं पूछ रहा हूं कि आपको चंदा कहां से मिल रहा है? कौन दान दे रहा है? आप घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इतने बड़े पैमाने पर काम कर रहे हैं और फिर भी टैक्स नहीं नहीं चुका रहे हैं?”
2,500 से अधिक संगठन संघ को दे रहे हैं फंड
मीडिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए प्रियांक खरगे ने यह भी दावा किया है कि एक विस्तृत लेख में आरएसएस की फंडिंग के स्रोतों की पड़ताल की गई है. उन्होंने कहा कि उस रिपोर्ट के अनुसार 2,500 से अधिक संगठन संघ को आर्थिक सहयोग दे रहे हैं. खरगे ने सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर इतना पैसा कहां से आ रहा है और किन माध्यमों से पहुंच रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले में जवाब मांगना जरूरी है और इस पर भारत सरकार को भी सवाल उठाना चाहिए.
प्रियांक ने कहा- आरएसएस के पीछ मनी लॉन्ड्रिंग रैकेट
प्रियांक खरने ने कहा कि आरएसएस से लगभग 2500 संबद्ध संगठन जुड़े हुए हैं. अमेरिका और इंग्लैंड समेत कई देशों से धन इकट्ठा किया जा रहा है. इसे देखते हुए यह कहा जा सकता है कि आरएसएस के पीछे एक बड़ा मनी लॉन्ड्रिंग रैकेट चल रहा है.” खरगे ने आगे यह भी कहा “अगर हम आरएसएस के धन के स्रोत के बारे में पूछते हैं, तो वे कहते हैं कि हमें गुरु दक्षिणा मिलती है. लेकिन जब हमने रिसर्च किया तो सामने आया कि गुरु दक्षिणा का अर्थ झंडा होता है. इसलिए कल सुबह अगर मैं भी नीला झंडा फहराऊं और धन इकट्ठा करूं, तो मैं सरकार और आरएसएस से पूछूंगा कि क्या वे सहमत है. उन्होंने कहा कि अब से मैं तब तक हार नहीं मानूंगा जब तक इस आरएसएस संगठन को संविधान और कानून के तहत पंजीकृत नहीं कर दिया.
वीएचपी ने किया पलटवार
प्रियांक खरगे के आरोप पर विश्व हिंदू परिषद ने पलटवार किया है. वीएचपी के महासचिव मिलिंद परांदे ने प्रियांक खरगे के उस बयान का कड़ा खंडन किया है. परांदे ने कहा “मुझे लगता है कि यह एक बेहद गैरजिम्मेदाराना बयान है. वे देशभक्ति संगठनों को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन इससे उनकी विश्वसनीयता नहीं बढ़ेगी. उनकी बातों में कोई दम नहीं है, जिससे हमारी बदनामी हो. संघ इन सवालों का जवाब देने में सक्षम है. लेकिन उन्होंने सभी हिंदुत्व संगठनों को निशाना बनाया है, मुझे लगता है कि यह गलत और झूठ है.”
