Women Empowerment Act : नारी शक्ति वंदन सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश की सभी महिलाओं को नए युग की शुरुआत के लिए बधाई देता हूं. उन्होंने कहा कि लंबे समय से लोकतांत्रिक व्यवस्था में महिलाओं को आरक्षण देने की जरूरत महसूस की जा रही थी और इस पर चर्चा भी होती रही है. करीब 40 साल से यह बात चल रही थी और हर सरकार व पार्टी ने अपने-अपने तरीके से इसे आगे बढ़ाया. उन्होंने कहा कि 2023 में जब नारी शक्ति वंदन अधिनियम लाया गया तो सभी दलों ने मिलकर इसे सर्वसम्मति से पास किया.
प्रधानमंत्री ने कहा कि सभी दलों की तरफ से यह एकमत मांग रही है कि महिला सशक्तिकरण कानून को 2029 तक हर हाल में लागू किया जाए. उन्होंने कहा कि सरकार ने 2029 की समय सीमा को ध्यान में रखते हुए तैयारी शुरू कर दी है. इस पर 16 अप्रैल से संसद में विस्तार से चर्चा होने वाली है. प्रधानमंत्री ने कहा कि कोशिश यही है कि यह काम सभी के सहयोग और भागीदारी से पूरा हो. उन्होंने यह भी कहा कि जब सभी मिलकर काम करेंगे तो संसद की गरिमा और बढ़ेगी. देश की हर महिला को खुशी होगी कि सभी पार्टियों ने राजनीति से ऊपर उठकर उनके हित में यह बड़ा कदम उठाया है.
यह भी पढ़ें : महिला आरक्षण मुद्दे पर एकजुटता की कोशिश, पीएम मोदी ने सदन के नेताओं से कही ये बात
पुरानी बात याद आई पीएम मोदी को
प्रधानमंत्री ने अपने पुराने अनुभव को साझा करते हुए कहा कि जब वे 2001 में नए मुख्यमंत्री बने थे, तब उन्हें ज्यादा प्रशासनिक अनुभव नहीं था. उन्होंने बताया कि 2002-2003 के आसपास एक विधायक उनके पास आए और कहा कि उनके क्षेत्र की एक गांव पंचायत की महिलाएं आपसे मिलना चाहती हैं. उन्होंने बताया कि उस पंचायत के सभी सदस्य महिलाएं हैं, जिसे सुनकर वे हैरान रह गए. जब वे महिलाएं मिलने आईं तो उन्होंने उनसे अगले पांच साल का लक्ष्य पूछा. आठवीं पास महिला प्रधान का जवाब सुनकर वे चौंक गए. उस महिला ने कहा था कि उनका लक्ष्य है कि उनके गांव में कोई भी व्यक्ति गरीब न रहे. यह बात आज भी उन्हें याद है.
