पीएम मोदी ने अपने काफिले में की कटौती, बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भी कम किए खर्च

PM Modi: मिडिल ईस्ट में जारी संकट और बढ़ती वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मितव्ययिता अपनाने की अपील का असर अब देश भर में दिखाई देने लगा है. प्रधानमंत्री ने हाल ही में ईंधन की खपत कम करने, सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने और गैर जरूरी खर्चों से बचने की बात कही थी. इसके बाद कई बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों और मंत्रियों ने अपने काफिलों में वाहनों की संख्या कम करने समेत कई कदम उठाए हैं.

PM Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने घरेलू दौरों के दौरान काफिले में शामिल वाहनों की संख्या कम कर दी है. हालांकि, विशेष सुरक्षा समूह (SPG) के आवश्यक सुरक्षा प्रोटोकॉल को पूरी तरह बरकरार रखा गया है. सूत्रों का कहना है कि हैदराबाद में रविवार को मितव्ययिता पर दिए गए भाषण के बाद गुजरात और असम के दौरों में प्रधानमंत्री के काफिले में वाहनों की संख्या घटाई गई. इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने जहां संभव हो, बिना नए वाहन खरीदे काफिले में इलेक्ट्रिक वाहनों को शामिल करने के निर्देश भी दिए हैं.

सीएम योगी ने काफिला आधा करने का दिया निर्देश

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने अपने और राज्य के मंत्रियों के काफिले में चलने वाले वाहनों की संख्या तत्काल 50 प्रतिशत तक कम करने का निर्देश दिया है. उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक में कहा कि वैश्विक हालात को देखते हुए ईंधन की बचत जरूरी है. साथ ही लोगों से अनावश्यक सोने की खरीद से बचने की भी अपील की.

मध्यप्रदेश में भी कम हुआ मुख्यमंत्री का काफिला

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी अपने काफिले में वाहनों की संख्या घटा दी है. अब उनके काफिले में पहले के 13 वाहनों की जगह केवल आठ वाहन शामिल होंगे. राज्य सरकार ने यह भी फैसला किया है कि दौरों के दौरान वाहन रैलियां आयोजित नहीं की जाएंगी और मंत्री न्यूनतम वाहनों का इस्तेमाल करेंगे.

दिल्ली, राजस्थान और बिहार में भी असर

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंत्रियों, विधायकों और अन्य जनप्रतिनिधियों के सरकारी वाहनों की संख्या कम करने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने दिल्ली वासियों से ऊर्जा संरक्षण के इस राष्ट्रीय अभियान में भाग लेने की अपील की. राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने भी अपने काफिले में वाहनों की संख्या कम से कम रखने का आदेश दिया है. इसके बाद उनके काफिले में केवल पांच वाहन नजर आए.
बिहार के उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने भी अपने काफिले के वाहनों की संख्या आधी करने की घोषणा की है. उन्होंने कहा कि केवल जरूरत पड़ने पर ही आधिकारिक यात्राएं की जाएंगी.

महाराष्ट्र और गुजरात सरकारों ने भी उठाए कदम

महाराष्ट्र सरकार ने सभी मंत्रियों को निर्देश दिया है कि आधिकारिक हवाई यात्रा से पहले मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अनुमति लेना जरूरी होगा. वहीं गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा है कि वे अब हेलीकॉप्टर और विमानों की जगह ट्रेन, राज्य परिवहन बसों और अन्य सार्वजनिक परिवहन साधनों का उपयोग करेंगे. उन्होंने अपने सरकारी काफिले को भी छोटा करने का फैसला लिया है. गुजरात के उप मुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने प्रधानमंत्री की अपील के बाद अपनी प्रस्तावित अमेरिका यात्रा भी रद्द कर दी है.

नेताओं ने जनता से भी की ईंधन बचाने की अपील

कई राज्यों के नेताओं ने जनता से भी पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने, सार्वजनिक परिवहन अपनाने और ऊर्जा संरक्षण में सहयोग देने की अपील की है. सरकार का मानना है कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए मितव्ययिता और संसाधनों का संतुलित उपयोग राष्ट्रीय हित में जरूरी है.

पीएम मोदी ने की थी पेट्रोल-डीजल खपत कम करने की अपील

मिडिल ईस्ट संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हैदराबाद में भारतीय जनता पार्टी की तरफ से आयोजित रैली को संबोधित करते हुए लोगों से पेट्रोल और डीजल की खपत कम करने की अपील की थी. उन्होंने मेट्रो रेल सेवाओं के उपयोग, कार पूलिंग, इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने, पार्सल ढुलाई के लिए रेलवे सेवाओं के इस्तेमाल और वर्क फ्रॉम होम (घर से काम) को प्रोत्साहित करने की सलाह दी थी.

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By Pritish Sahay

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