पीएम मोदी ने कर्नाटक में SMSIMSR का किया उद्घाटन, कहा- देश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या हुई 650 के पार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, आजादी के अमृत महोत्सव में देश ने विकसित होने का संकल्प लिया है. कई बार लोग पूछते हैं कि भारत इतने कम समय में वकसित कैसे होगा? इतनी चुनौतियां हैं, इतना काम हैं, ये इतने कम समय में ये कैसे पूरा होगा? इस सवाल का एक ही जवाब है सबका प्रयास.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस समय कर्नाटक दौरे पर हैं. जहां उन्होंने चिक्काबल्लापुर में श्री मधुसूदन साईं चिकित्सा विज्ञान एवं अनुसंधान संस्थान का उद्घाटन किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि देश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 650 के पार पहुंच चुकी है. कर्नाटक अकेले मेडिकल कॉलेजों की संख्या 70 हो चुकी है.

देश ने विकसित होने का संकल्प लिया : मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, आजादी के अमृत महोत्सव में देश ने विकसित होने का संकल्प लिया है. कई बार लोग पूछते हैं कि भारत इतने कम समय में वकसित कैसे होगा? इतनी चुनौतियां हैं, इतना काम हैं, ये इतने कम समय में ये कैसे पूरा होगा? इस सवाल का एक ही जवाब है सबका प्रयास.

पीएम मोदी बोले- देश में मेडिकल एजुकेशन से जुड़े अनेक रिफॉर्म किए गए

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, बीते 9 सालों में भारत में भी स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर बहुत ईमानदारी से, बहुत कुशलता से कार्य करने का प्रयास किया गया है. देश में मेडिकल एजुकेशन से जुड़े अनेक रिफॉर्म किए गए हैं.

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हमने गरीब मिडिल क्लास के आरोग्य को प्राथमिकता दी : मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, चिक्काबल्लापुर की भूमि ने लोगों को शिक्षा और स्वास्थ्य प्रदान करके मानवता की सेवा के मिशन को पोषित किया है. ये उपलब्धियां अद्भुत रही हैं. साथ ही आज यहां जिस मेडिकल कॉलेज का उद्घाटन किया जा रहा है, वह इस महान मिशन को और मजबूत करेगा. हमारा प्रयास भारत के हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने का रहा है. हमने गरीब मिडिल क्लास के आरोग्य को प्राथमिकता दी है. हमने देश में सस्ती दवाओं की दुकानों, जनऔषधि केंद्र खोले हैं.

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लेखक के बारे में

Published by: Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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