Pragati Maidan: कन्वेंशन सेंटर का उद्घाटन करने से पहले पीएम मोदी ने की पूजा, जानें इसकी खासियत

सरकार ने जनवरी, 2017 में प्रगति मैदान के पुनर्विकास के लिए भारत व्यापार संवर्धन संगठन (आईटीपीओ) के प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए राष्ट्रीय राजधानी में विश्वस्तरीय आईईसीसी स्थापित करने पर सहमति जताई थी.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज प्रगति मैदान में अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी-सह-सम्मेलन केन्द्र (इंटरनेशनल एग्जिबिशन कम कन्वेंशन सेंटर) परिसर राष्ट्र को समर्पित करेंगे. इस परिसर में सितंबर में जी-20 नेताओं की बैठक प्रस्तावित है. प्रधानमंत्री मोदी ने उद्धाटन से पहले हवन और पूजा की. उसके बाद श्रमजीवियों से मुलाकात भी की.

मोदी सरकार ने 2017 में प्रगति मैदान के पुनर्विकास के प्रस्ताव को दी थी मंजूरी

सरकार ने जनवरी, 2017 में प्रगति मैदान के पुनर्विकास के लिए भारत व्यापार संवर्धन संगठन (आईटीपीओ) के प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए राष्ट्रीय राजधानी में विश्वस्तरीय आईईसीसी स्थापित करने पर सहमति जताई थी.

123 एकड़ में फैला है कन्वेंशन सेंटर

इस परियोजना को लगभग 2700 करोड़ रुपये की लागत से एक राष्ट्रीय परियोजना के रूप में विकसित किया गया था. लगभग 123 एकड़ के परिसर क्षेत्र के साथ, आईईसीसी परिसर को भारत के सबसे बड़े एमआईसीई (बैठकें, प्रोत्साहन, सम्मेलन और प्रदर्शनी) गंतव्य के रूप में विकसित किया गया है.

कन्वेंशन सेंटर में कई अत्याधुनिक सुविधाएं मौजूद

नव विकसित आईईसीसी परिसर में कन्वेंशन सेंटर, प्रदर्शनी कक्ष, एम्फीथिएटर आदि सहित कई अत्याधुनिक सुविधाएं शामिल हैं. कन्वेंशन सेंटर को प्रगति मैदान के केंद्र बिंदु के रूप में विकसित किया गया है। यह एक भव्य वास्तुशिल्प चमत्कार है, जिसे बड़े पैमाने पर अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनियों, व्यापार मेलों, सम्मेलनों, सम्मेलनों और अन्य प्रतिष्ठित कार्यक्रमों की मेजबानी करने के लिए तैयार किया गया है.

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सिडनी ओपेरा हाउस से भी बड़ा है नया कन्वेंशन सेंटर

पीएमओ ने कहा कि इसके बहुउद्देश्यीय हॉल और प्लेनरी हॉल में सात हजार लोगों की संयुक्त क्षमता है, जो ऑस्ट्रेलिया के प्रसिद्ध सिडनी ओपेरा हाउस की बैठने की क्षमता से बड़ी है और इसका शानदार एम्फीथिएटर 3,000 व्यक्तियों की बैठने की क्षमता से लैस है.

कन्वेंशन सेंटर भवन का वास्तुशिल्प डिजाइन भारतीय परंपराओं से प्रेरित

कन्वेंशन सेंटर भवन का वास्तुशिल्प डिजाइन भारतीय परंपराओं से प्रेरित है और आधुनिक सुविधाओं एवं जीवन शैली के अनुरुप भारत के आत्मविश्वास और दृढ़ विश्वास को दर्शाता है.

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एक साथ 5500 से अधिक वाहन

पीएमओ ने कहा कि आगंतुकों की सुविधा आईईसीसी में एक प्राथमिकता है. यहां एक साथ 5,500 से अधिक वाहनों के लिए पार्किंग तैयार किया गया है. सिग्नल-मुक्त सड़कों के माध्यम से पहुंच की आसानी यह सुनिश्चित करती है कि आगंतुक बिना किसी परेशानी के आयोजन स्थल तक पहुंच सकें.

कन्वेंशन सेंटरनए आईईसीसी परिसर के विकास से भारत को वैश्विक स्तर पर मिलेगी नयी पहचान

पीएमओ ने कहा कि प्रगति मैदान में नए आईईसीसी परिसर के विकास से भारत को एक वैश्विक व्यापार गंतव्य के रूप में बढ़ावा देने में मदद मिलेगी. यह व्यापार और वाणिज्य को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, जिससे आर्थिक विकास और रोजगार सृजन होगा. उसने कहा कि यह छोटे और मध्यम उद्यमों के विकास का समर्थन करेगा और उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपने उत्पादों और सेवाओं को प्रदर्शित करने के लिए एक मंच प्रदान करेगा

नये कन्वेंशन सेंटर के बारे में जानें एक नजर में

  • भारत में सम्मेलन के लिए सबसे विशाल स्थान- दुनिया के 10 सबसे बड़े प्रदर्शनी और सम्मेलन संकुलों में से एक. फ्रैंकफर्ट और शंघाई की तरह.

  • 7 नये एवं बेहतरीन प्रदर्शनी हॉल और 3 भव्य खेल क्षेत्र की रंगशाला युक्त

  • 5500 से अधिक वाहनों के पार्किंग की सुविधा

  • बेहतरीन सड़क सुविधा और पांच-सितारा होटलों के करीब

  • सातों दिन 24 घंटे निगरानी के लिए कमांड और कंट्रोल रूम

  • सुरक्षित सामानों की आवाजाही और खाने-पीने के पदार्थ की सारी सुविधाएं एक ही जगह पर

  • 26 फुटबॉल मैदान के बराबर 1.5 वर्ग मीटर का विशाल कवर्ड क्षेत्र

  • 7000 से अधिक लोगों के एक साथ बैठने की सुविधा. सिडनी के ओपेरा हाउस से भी बड़ा.

  • दिव्यांगों और वरिष्ठ नागरिकों के अनुकूल इमारत

  • सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों और कारिगरों के लिए वैश्विक मंच

  • 5 जी इंटरनेट और 10 जी इंट्रानेट बैंडविथ युक्त सुविधा.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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