PM Kisan Yojana: इन किसानों से सम्मान निधि के सारे पैसे वापस लेगी सरकार, जानें क्या है मामला

pm kisan yojana latest update प्रधानमंत्री सम्मान निधि के तहत जो किसान आयोग्य पाये गये हैं, उसमें अनेक लाभार्थी आयकर चुकाने की वजह से अपात्र घोषित किये गये हैं. जबकि कई मामलों में पति और पत्नी दोनों को ही इस निधि का लाभ प्राप्त हो रहा था.

किसान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (Prime Minister Kisan Samman Nidhi) के तहत मिलने वाली 12वीं किस्त का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. लेकिन इस योजना के तहत कुछ किसानों से सरकार अब तक जितनी भी धनराशि दी है, उसे वसूलने की तैयारी कर रही है. खबर है करीब 21 लाख किसानों से सरकार इस योजना के तहत दिये गये सारे पैसे वापस ले लेगी.

21 लाख किसान पाये गये अपात्र

दरअसल उत्तर प्रदेश में प्रधानमंत्री किसान सम्मन निधि के तहत चयनित 21 लाख किसान जांच में अपात्र पाए गए हैं. उनसे इस योजना के तहत अब तक दी गई धनराशि की वसूली की जाएगी. उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने बताया कि राज्य में सम्मान निधि के तहत केन्‍द्र सरकार से कुल दो करोड़ 85 लाख किसानों की सूची प्राप्‍त हुई थी जिनमें से 21 लाख काश्तकार सत्‍यापन में अपात्र पाए गए हैं. शाही ने बताया कि अपात्र पाए गए किसानों से उन्हें इस योजना के तहत अब तक दी गई रकम की वसूली की जाएगी.

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किसान के अपात्र के होने के कई कारण आये सामने

प्रधानमंत्री सम्मान निधि के तहत जो किसान आयोग्य पाये गये हैं, उसमें अनेक लाभार्थी आयकर चुकाने की वजह से अपात्र घोषित किये गये हैं. जबकि कई मामलों में पति और पत्नी दोनों को ही इस निधि का लाभ प्राप्त हो रहा था जबकि नियमानुसार उनमें से किसी एक को ही इस योजना का लाभ‍ दिया जा सकता है

इस महीने के आखिर तक जारी होगी 12वीं किस्त

बताया जा रहा है कि किसान सम्मान निधि की 12वीं किस्त इस महीने के अंत तक जारी की जाएगी और जिन किसानों का भूलेख अंकन और स्थलीय सत्यापन का कार्य पीएम किसान पोर्टल पर अपलोड होगा, उन्हें ही इस योजना का लाभ दिया जाएगा.

क्या है किसान सम्मान निधि

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि केन्‍द्र सरकार की महत्‍वाकांक्षी योजना है. इस योजना के तहत छोटे और सीमान्त किसानों को सलाना न्यूनतम छह हजार रुपये दिये जाते हैं. प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने 24 फरवरी 2019 को उत्‍तर प्रदेश में यह योजना गोरखपुर से शुरू की थी और एक करोड़ किसानों के खातों में दो-दो हजार रुपये की पहली किस्‍त भेजी गयी थी. इस योजना के तहत हर पात्र किसान को तीन किश्तों में भुगतान किया जाता है और सहायता राशि सीधे उनके बैंक खातों में जमा की जाती है.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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