फाइजर का वैक्सीन ट्रायल उत्साहजनक, -70 डिग्री में ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाना बड़ी चुनौती : AIIMS, राहुल गांधी ने सरकार से पूछा...

नयी दिल्ली : दिल्ली एम्स के निदेशक ने कोविड-19 को लेकर फाइजर कंपनी के वैक्सीन ट्रायल के परिणाम को उत्साहजनक बताया है. साथ ही माइनस 70 डिग्री तापमान में ग्रामीण इलाकों तक पहुंचाने को बड़ा चैलेंज बताया है. वहीं, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी भारत सरकार से टीका वितरण रणनीति स्पष्ट करने की बात कही है.

नयी दिल्ली : दिल्ली एम्स के निदेशक ने कोविड-19 को लेकर फाइजर कंपनी के वैक्सीन ट्रायल के परिणाम को उत्साहजनक बताया है. साथ ही माइनस 70 डिग्री तापमान में ग्रामीण इलाकों तक पहुंचाने को बड़ा चैलेंज बताया है. वहीं, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी भारत सरकार से टीका वितरण रणनीति स्पष्ट करने की बात कही है.

जानकारी के मुताबिक, दिल्ली एम्स के निदेशक रणदीप गुलेरिया ने कहा है कि, ”फाइजर वैक्सीन को माइनस 70 डिग्री तापमान पर भारत जैसे विकासशील देशों को रखना एक बड़ा चैलेंज है. देश में कोल्ड चेन बरकरार रखने में परेशानी होती है. खास तौर पर तब, जब ग्रामीण क्षेत्रों की बात हो.” साथ ही उन्होंने कहा है कि ”हालांकि, अच्छी खबर है कि वैक्सीन का तीसरे चरण का ट्रायल उत्साहजनक है.”

साथ ही उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि ”दिल्ली में कोविड-19 के मामलों की वृद्धि पर हमारी नजर है. भीड़ वाले वैसे इलाके, जहां सावधानी नहीं बरती गयी हैं, सुपर स्प्रेडिंग इवेंट्स देखने को मिले हैं. इसलिए हमें संख्या पर अंकुश लगाने की दिशा में आक्रामक तरीके से काम करने की जरूरत है.”

इधर, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट कर कोविड-19 संक्रमण की रोकथाम के लिए फाइजर कंपनी की वैक्सीन के ट्रायल के उत्साहजनक परिणाम पर भरोसा जताया है. साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार के समक्ष सवाल उठाये हैं.

राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा है कि ”फाइजर कंपनी ने भले ही एक आशाजनक टीका बनाया है, लेकिन इसे हर भारतीय को उपलब्ध कराने के लिए लॉजिस्टिक्स पर काम करने की जरूरत है.” साथ ही उन्होंने कहा है कि ”भारत सरकार को एक टीका वितरण रणनीति को स्पष्ट करना होगा, ताकि वैक्सीन हर भारतीय तक पहुंच सके.”

मालूम हो कि केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य और परिवार कल्‍याण मंत्री डॉ हर्षवर्धन बुधवार को सात राज्‍यों के स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रियों और अन्‍य अधिकारियों के साथ कोविड-19 की स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं. साथ ही कोविड महामारी की रोकथाम को लेकर उपयुक्त तौर-तरीकों को बढ़ावा देने पर भी चर्चा कर रहे हैं.

गौरतलब हो कि नवंबर के पहले सप्ताह में ही डॉ हर्षवर्धन ने नौ राज्‍यों के स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रियों और अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक के बाद लोगों को आगाह किया था कि त्‍योहार के मौसम में और ज्‍यादा सतर्क रहने की जरूरत है. क्‍योंकि, सर्दियों में सांस से संबंधित रोग फैलानेवाले वायरसों का फैलाव अधिक होता है.

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