भारत में 30 साल से रह रहीं पाकिस्तानी मां-बेटी, नागरिक नहीं पर वोटर आईडी-पासपोर्ट बना; जासूसी का आरोप

भारत में पाकिस्तानी महिला और उसकी बेटी 30 साल से ज्यादा समय से रह रही है. उसके पास भारत की नागरिकता नहीं है, लेकिन दोनों के नाम वोटर लिस्ट में हैं, पासपोर्ट बना है. विदेश यात्राएं भी कीं. अब एक महिला की शिकायत पर यह मामला खुलकर सामने आया है.

Pakistani in India: मेरठ में पाकिस्तान से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसने खुफिया एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है. आरोप है कि मेरठ जिले में एक महिला पिछले 30 साल से ज्यादा समय से बिना भारतीय नागरिकता के रह रही थी. वह देहली गेट थाना क्षेत्र के जली कोठी इलाके में स्थित नादिर अली कोठी में रहती है. अब पुलिस ने महिला और उसकी बेटी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है.

यह पूरा मामला इलाके की रहने वाली एक महिला की शिकायत के बाद सामने आया. शिकायत में दावा किया गया है कि आरोपी महिला के पिता भी आईएसआई के लिए काम करते थे. देहली गेट इलाके की रहने वाली रुकसाना ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि जली कोठी की नादिर अली बिल्डिंग में रहने वाले फरहत मसूद ने साल 1988 में पाकिस्तान जाकर सबा उर्फ नाजी नाम की महिला से शादी की थी. इस शादी से उनके तीन बच्चे हुए. 

इसके बाद साल 1993 में सबा दोबारा पाकिस्तान गई, जहां 25 मई 1993 को उसने चौथी बेटी ऐमन फरहत को जन्म दिया. शिकायत के मुताबिक, पाकिस्तान से लौटते वक्त सबा ने अपने पाकिस्तानी पासपोर्ट में बेटी ऐमन का नाम दर्ज कराया और फिर भारत आ गई. भारत आने के बाद ऐमन का दाखिला कैंट क्षेत्र के एक नामी स्कूल में करा दिया गया, लेकिन कभी भी उसकी भारतीय नागरिकता नहीं बनवाई गई.

आरोप- पाकिस्तान भेज रहीं भारत की सूचनाएं

मां-बेटी पर आरोप लग रहा है कि दोनों अवैध रूप से भारत में रह रही थीं. महिला पर आरोप है कि वह आईएसआई के लिए जासूसी करती थी और गोपनीय जानकारियां सीमा पार भेज रही थी. मामला सामने आते ही पुलिस के साथ-साथ एलआईयू और स्पेशल इंटेलिजेंस की टीमें भी जांच में जुट गई हैं. अधिकारियों का कहना है कि परिवार के अन्य सदस्यों की भूमिका की भी जांच की जा रही है.

जांच में सही पाए गए आरोप

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मामले की शुरुआती जांच एसपी सिटी स्तर पर हुई थी, जिसमें आरोप सही पाए गए थे, लेकिन तब मुकदमा दर्ज नहीं किया गया. इसके बाद शिकायतकर्ता ने मेरठ जोन के एडीजी भानु भास्कर से संपर्क कर सबूत पेश किए. एडीजी के निर्देश पर शनिवार को देहली गेट थाने में मां-बेटी के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और फर्जी दस्तावेज तैयार करने समेत कई धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई.

भारत की नागरिकता नहीं, लेकिन वोटर आईडी और पासपोर्ट बना

शिकायत में यह भी कहा गया है कि सबा और उसकी बेटी ऐमन आज भी कानूनी तौर पर पाकिस्तानी नागरिक हैं. आरोप है कि सबा ने फर्जी दस्तावेज बनवाकर बेटी के लिए भारतीय पासपोर्ट हासिल किया. इतना ही नहीं, भारतीय नागरिक न होने के बावजूद महिला ने अपना नाम मतदाता सूची में दर्ज करा लिया. शिकायतकर्ता का दावा है कि सबा ने सबा मसूद और नाजिया मसूद नाम से दो अलग-अलग वोटर कार्ड भी बनवा लिए, जबकि दोनों नाम एक ही महिला के हैं.

रिपोर्ट्स के अनुसार, इन कथित फर्जी दस्तावेजों के आधार पर मां-बेटी के कई बार विदेश जाने की बात भी सामने आई है. आरोप है कि बेटी ने भारतीय पासपोर्ट का इस्तेमाल कर देश से बाहर यात्राएं कीं. शिकायतकर्ता ने दोनों के पासपोर्ट, कॉल डिटेल और अन्य दस्तावेजों की जांच की मांग की है.

रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तानी मूल की महिला ने कई बार भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन किया था, लेकिन हर बार फाइल पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. एक बार फाइल डीएम कार्यालय तक पहुंची, लेकिन वहीं अटक गई. महिला करीब 33 साल से अपने परिवार के साथ मेरठ में रह रही है. 

परिवार ने आरोपों को बताया साजिश

वहीं, आरोपी महिला के पति ने सभी आरोपों को साजिश बताया है. उनका कहना है कि दूसरे पक्ष से किसी संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा है, इसी वजह से उनकी पत्नी को फंसाया जा रहा है. उन्होंने दावा किया कि नागरिकता के लिए सभी कागजात प्रशासन को दिए गए थे, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई. बेटी के पासपोर्ट में जन्मस्थान पाकिस्तान दर्ज है और कोई फर्जीवाड़ा नहीं किया गया. उनका कहना है कि वे इस मामले में अधिकारियों और अदालत का रुख करेंगे.

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By Anant Narayan Shukla

इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएट. करियर की शुरुआत प्रभात खबर के लिए खेल पत्रकारिता से की और एक साल तक कवर किया. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में गहरी रुचि ने इंटरनेशनल घटनाक्रम में दिलचस्पी जगाई. अब हर पल बदलते ग्लोबल जियोपोलिटिक्स की खबरों के लिए प्रभात खबर के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं.

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