Operation Sindoor: 'गोलियां पाकिस्तान ने चलाई, धमाका भारत ने किया,' मेजर ने सुनाई ऑपरेशन सिंदूर की कहानी

Operation Sindoor: ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारतीय सेना ने जिस तरह से पाकिस्तान को धूल चटाया और 100 से अधिक आतंकवादियों को मारकर पहलगाम हमले का बदला लिया, पूरा देश इंडियन आर्मी पर गर्व कर रहा है. भारत के आक्रमण से पाकिस्तान हांफ रहा है और दुनिया से मदद की भीख मांग रहा है. सीजफायर होने के बाद भारतीय सेना के एक मेजर ने पूरे ऑपरेशन के बारे में जानकारी दी. कैसे भारतीय सेना ने पाकिस्तान में घुसकर आतंकी ठिकानों को तबाह किया? पूरी कहानी सुनाई.

Operation Sindoor: ऑपरेशन सिंदूर के तहत जम्मू-कश्मीर के अखनूर सेक्टर में साहस और सटीकता का शक्तिशाली प्रदर्शन करते हुए भारतीय सेना के तोपखानों ने पाकिस्तान को करारा जवाब दिया था. पाकिस्तान की ओर से जब संघर्ष विराम का उल्लंघन किया गया, तो भारतीय सेना ने उसका करारा जवाब दिया.

गोलियां उन्होंने चलाई, धमाका हमने किया : मेजर

भारतीय सेना के एक मेजर ने भारतीय सेना की शौर्य की कहानी कही और बताया, “गोली उन्होंने चलाई थी पर धमाका हमने किया.” मेजर ने आगे कहा, “ऑपरेशन सिंदूर कोई प्रतिक्रिया नहीं थी; यह एक सोची-समझी और मिशन ओरिएंट स्ट्राइक थी. हमारा इरादा बिल्कुल साफ था: हमें दुश्मन के आतंकी ढांचे और घुसपैठ में मदद करने वाली चौकियों को नष्ट करना था. हम इसके लिए मानसिक, सामरिक और तार्किक रूप से पूरी तरह से तैयार थे.

अगर वे हमारे गांव पर गोले दागेंगे, तो हम उनकी चौकियों को नष्ट कर देंगे

मेजर ने कहा, पाकिस्तानी हमले का जवाब देने के लिए हमारे पास स्वदेशी उन्नत रडार सिस्टम और विभिन्न लक्ष्य प्राप्ति प्रणालियां थीं, लेकिन इसके अलावा सबसे महत्वपूर्ण बात थी हमारे सैनिकों का जज्बा. पाकिस्तान की तरफ से बहुत सारी तोपें दागी गईं, मैं गर्व के साथ कह सकता हूं कि हमारी तरफ से कोई हताहत नहीं हुआ. हमारा लक्ष्य उनके आतंकी ढांचे को नष्ट करना था. जब उन्होंने हमारे नागरिक क्षेत्र और सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाना शुरू किया, तो हमारा इरादा साफ था – अगर वे हमारे गांव पर गोले दागेंगे, तो हम उनकी चौकियों को भी नष्ट कर देंगे. हमारा हर गोला उनके लिए जवाब था. हमने सुनिश्चित किया कि कोई भी नागरिक न मारा जाए.

ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान का मनोबल ध्वस्त किया

भारतीय सेना के मेजर ने कहा, ऑपरेशन सिंदूर ने न केवल उनकी चौकियों को नष्ट किया, बल्कि उनके मनोबल को भी गिराया. हमारे पास अपना मौका था और हमने इसका पूरा फायदा उठाया. हमने ऐसा जवाब दिया है कि वे इस ऑपरेशन को हमेशा याद रखेंगे और भविष्य में कुछ भी करने से पहले सौ बार सोचेंगे.”

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By ArbindKumar Mishra

मुख्यधारा की पत्रकारिता में 14 वर्षों से ज्यादा का अनुभव. खेल जगत में मेरी रुचि है. वैसे, मैं राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय खबरों पर काम करता हूं. झारखंड की संस्कृति में भी मेरी गहरी रुचि है. मैं पिछले 14 वर्षों से प्रभातखबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इस दौरान मुझे डिजिटल मीडिया में काम करने का काफी अनुभव प्राप्त हुआ है. फिलहाल मैं बतौर शिफ्ट इंचार्ज कार्यरत हूं.

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