Operation Sindoor: 40-45 पाकिस्तानी भारत में घुसपैठ की कर रहे थे तैयारी, BSF के हमले से उल्टे पांव भागे

Operation Sindoor: ऑपरेशन सिंदूर के जरिए भारतीय सेना ने पाकिस्तान को छठी का दूध याद दिला दिया है. भारतीय हमले में पाकिस्तान को इतना नुकसान हुआ कि उसे उबरने में वर्षों का समय लग जाएगा. भारत के एयर स्ट्राइक में आतंकवादियों के 9 ठिकानें ध्वस्त हो गए, जिससे पाकिस्तान बौखला गया. जवाब में उसने भारत में मिसाइल और ड्रोन से हमले की कोशिश की. पाकिस्तान ने हवा के साथ-साथ जमीन पर भी भारत से पंगा लिया. सीजफायर समझौते का उल्लंघन करते हुए पाकिस्तान ने 40 से 45 घुसपैठियों को भारत में प्रवेश के लिए भेज दिया. लेकिन BSF ने ऐसी सबक सिखाई कि सभी उल्टे पांव भागने के लिए मजबूर हो गए.

Operation Sindoor: ऑपरेशन सिंदूर के दौरान बीएसएफ ने सांबा सेक्टर में घुसपैठ की एक बड़ी कोशिश को नाकाम कर दिया था. पाकिस्तान के संघर्ष विराम उल्लंघन का मुकाबला भारतीय सेना ने मोर्टार से दिया. भारतीय सेना के जवानों ने ऑपरेशन के दौरान दुश्मन की चौकियों को नष्ट कर दिया और पाकिस्तानी गोलाबारी को बेअसर कर दिया.

भारतीय जवानों ने पाकिस्तानी घुसपैठियों को 1.5 घंटे में निपटा दिया

बीएसएफ के डीआईजी एसएस मंड ने कहा, “हमारे बहादुर जवानों ने उन्हें (पाकिस्ता) बहुत नुकसान पहुंचाया है. हमें खुफिया जानकारी मिली थी कि एक बड़ा समूह घुसपैठ की कोशिश कर रहा है. हम उनके लिए तैयार थे और हमने 8 मई को उनका पता लगा लिया. वे 45-50 लोगों के समूह में थे. वे LOC की ओर बढ़ रहे थे. हमने स्थिति का आकलन किया. चूंकि माहौल जंग की तरह था, इसलिए हमने उन पर भारी गोलाबारी की. जैसी कि उम्मीद थी, उन्होंने अपनी चौकियों से भारी गोलीबारी के साथ जवाबी कार्रवाई की. हमने उन पर भारी और सटीक गोलीबारी की. यह एक प्रमुख कारक था. वे अपनी चौकियों से भागते हुए देखे गए. हमने उन्हें 1.5 घंटे में निपटा दिया. हमारे अधिकारी अग्रिम चौकियों पर सैनिकों के साथ मौजूद थे. यह हमारे सैनिकों के मनोबल को बहुत ऊंचा रखने का एक प्रमुख कारक था. हमने उनके बंकरों को नष्ट कर दिया और उनकी फायर क्षमता को कम कर दिया.

अगर पाकिस्तान फिर से हमला करता है, तो हमारे जवान 10 गुना अधिक ताकत से देंगे जवाब

डीआईजी ने कहा, “हमारे जवान अभी भी बहुत ऊर्जावान हैं और अगर दुश्मन फिर से कोई कार्रवाई करता है, तो हम दस गुना अधिक ताकत से जवाबी कार्रवाई करेंगे… बीएसएफ को ये स्पष्ट आदेश हैं… हमारी महिला सैनिक अपने पुरुष सैनिकों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी थीं.” उन्होंने कहा, “हमारे समकक्षों के साथ मिलकर काम किया और सभी आदेशों और कर्तव्यों को प्रभावी ढंग से निष्पादित किया. हमें अपनी महिला सैनिकों पर वास्तव में गर्व है.”

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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