ओडिशा रेल हादसे के बाद बेंगलुरु के बैयप्पनहल्ली रेलवे स्टेशन पर 1500 से अधिक यात्री फंसे

ओडिशा में बालासोर जिले के बाहानगा बाजार में शुक्रवार को हुए भीषण रेल हादसे के बाद बुलडोजर और क्रेन की मदद से रेलगाड़ियों के क्षतिग्रस्त डिब्बों को हटाने के बाद, पूर्वी एवं दक्षिण भारत को जोड़ने वाली मुख्य ‘ट्रंक लाइन’ पर ट्रेन सेवा बहाल करने के लिए दो रेल पटरियों को दुरुस्त कर दिया गया है.

balasore train accident ओडिशा में हुए रेल हादसे के परिणामस्वरूप कई ट्रेनों के रद्द हो जाने के चलते काफी संख्या में श्रमिकों सहित 1500 से अधिक यात्री बैयप्पनहल्ली रेलवे स्टेशन पर फंसे हुए हैं.

बैयप्पनहल्ली स्टेशन पर फंसे यात्रियों के लिए भोजन, पानी की व्यवस्था की गयी

बैयप्पनहल्ली स्टेशन पर पैदा हुए संकट को देखते हुए श्रम विभाग और बेंगलुरु नगर निकाय ने फंसे यात्रियों के लिए रविवार को भोजन, पानी और चलंत शौचालयों का इंतजाम किया. मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के निर्देश पर सरकारी विभागों ने उन फंसे हुए यात्रियों को भोजन और पानी उपलब्ध कराया, जिनकी ओडिशा, झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल और अन्य पूर्वी राज्य जाने वाली ट्रेनें रद्द हो गई हैं. कई सामाजिक संगठनों ने भी रेलवे स्टेशन पर फंसे यात्रियों की मदद की.

रेल हादसे के बाद पटरियों की मरम्मत की गई

ओडिशा में बालासोर जिले के बाहानगा बाजार में शुक्रवार को हुए भीषण रेल हादसे के बाद बुलडोजर और क्रेन की मदद से रेलगाड़ियों के क्षतिग्रस्त डिब्बों को हटाने के बाद, पूर्वी एवं दक्षिण भारत को जोड़ने वाली मुख्य ‘ट्रंक लाइन’ पर ट्रेन सेवा बहाल करने के लिए दो रेल पटरियों को दुरुस्त कर दिया गया है. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने ट्वीट किया कि ‘अप-लाइन’ को दुरुस्त कर दिया गया है और ‘ओवरहेड’ विद्युतीकरण का काम भी शुरू हो गया है. अधिकारियों ने कहा कि इसका तात्पर्य यह है कि रेल पटरियों का कम से कम एक हिस्सा अब ट्रेनों के परिचालन के लिए तैयार है, लेकिन बालासोर दुर्घटनास्थल पर ‘लूप लाइन’ सहित सभी पटरियों को ठीक करने में अभी और समय लगेगा.

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ओडिशा रेलन हादसे में 275 लोगों की गयी जान

बालासोर रेल हादसे में अबतक 275 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 1100 से अधिक लोग घायल हो गये हैं. मृतकों की संख्या पहले 288 बतायी गयी थी, लेकिन इसे संशोधित किया गया. ओडिशा सरकार ने ट्रेन दुर्घटना में मारे गए लोगों की संख्या को रविवार को संशोधित कर 288 से 275 कर दिया तथा घायलों की संख्या 1,175 कर दी. मुख्य सचिव पी के जेना ने पत्रकारों को बताया कि कुछ शवों की दो बार गिनती कर ली गई थी. उन्होंने कहा, विस्तृत सत्यापन और बालासोर जिलाधिकारी की रिपोर्ट के बाद, अंतिम मृतक संख्या 275 निर्धारित की गई है.

कोरोमंडल एक्सप्रेस के लूप लाइन पर खड़ी मालगाड़ी से टकराने के बाद हुआ भीषण हादसा

गौरतलब है कि कोरोमंडल एक्सप्रेस शुक्रवार शाम करीब सात बजे ‘लूप लाइन’ पर खड़ी एक मालगाड़ी से टकरा गई, जिससे इसके (कोरोमंडल एक्सप्रेस के) अधिकतर डिब्बे पटरी से उतर गए. कोरोमंडल एक्सप्रेस के कुछ डिब्बे उसी समय वहां से गुजर रही बेंगलुरु-हावड़ा एक्सप्रेस के कुछ डिब्बों पर पलट गए.

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Published by: Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

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