OBC Reservation: अशोक गहलोत ने OBC को 21 प्रतिशत के अलावा 6% अतिरिक्त आरक्षण देने का किया ऐलान

राजस्थान सरकार ने बालिकाओं एवं महिलाओं से छेड़छाड़, दुष्कर्म के प्रयास तथा दुष्कर्म के आरोपियों तथा मनचलों को सरकारी नौकरियों से प्रतिबंधित करने का फैसला किया है.

राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने अगामी विधानसभा चुनाव से पहले लगातार राज्य की जनता के लिए बड़ी-बड़ी घोषणाएं कर रहे हैं. इसी सिलसिले में उन्होंने ओबीसी को अतिरिक्त आरक्षण देने की घोषणा कर. उन्होंने कहा, राजस्थान में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए मौजूदा 21% आरक्षण के अलावा 6% अतिरिक्त आरक्षण दिया जाएगा, जो ओबीसी वर्ग की सबसे पिछड़ी जातियों के लिए आरक्षित होगा.

राजस्थान में भी जाति जनगणना हो

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जाति जनगणना की चर्चा करते हुए कहा, मैं चाहता हूं कि राज्य में भी जाति जनगणना हो. मालूम हो बिहार में जातिगत गणना का पहला चरण 21 जनवरी को पूरा हो गया. गणना करने वालों और पर्यवेक्षकों सहित लगभग 15,000 कर्मचारियों को घर-घर जाकर सर्वेक्षण के लिए विभिन्न जिम्मेदारियां सौंपी गई थीं. हालांकि अब मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा चुका है. जिसमें बिहार में जातिगत गणना को मंजूरी देने के पटना हाई कोर्ट के एक अगस्त के आदेश पर रोक लगाने से सुप्रीम कोर्ट ने इनकार कर दिया है.

छेड़छाड़, दुष्कर्म के आरोपियों तथा मनचलों को सरकारी नौकरी से प्रतिबंधित करेगी सरकार: गहलोत

राजस्थान सरकार ने बालिकाओं एवं महिलाओं से छेड़छाड़, दुष्कर्म के प्रयास तथा दुष्कर्म के आरोपियों तथा मनचलों को सरकारी नौकरियों से प्रतिबंधित करने का फैसला किया है. गहलोत ने ट्वीट किया, राज्य सरकार ने फैसला किया है कि बालिकाओं एवं महिलाओं से छेड़छाड़, दुष्कर्म के प्रयास एवं दुष्कर्म के आरोपियों तथा मनचलों को सरकारी नौकरियों से प्रतिबंधित किया जाएगा. उन्होंने कहा कि इसके लिए मनचलों का भी पुलिस थानों में हिस्ट्रीशीटरों की तरह रिकॉर्ड रखा जाएगा एवं राज्य सरकार/ पुलिस द्वारा जारी किए जाने वाले इनके चरित्र प्रमाण पत्र पर यह अंकित किया जाएगा. गहलोत ने कहा, ऐसे असामाजिक तत्वों का सामाजिक बहिष्कार करना आवश्यक है.

Also Read: Explainer: अशोक गहलोत को सीएम पद से हटाना कितना मुश्किल ? सचिन पायलट के हठ के बाद भी बने रहे पद पर

बार एवं नाइट क्लबों पर सख्ती करेगी राजस्थान सरकार

गौरतलब है कि गहलोत ने सोमवार रात को मुख्यमंत्री निवास पर कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठक के दौरान कहा था कि महिलाओं और कमजोर वर्ग के विरूद्ध अपराधों की रोकथाम हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है. सरकारी बयान के अनुसार बैठक में गहलोत ने कहा है कि निर्धारित समय से अधिक वक्त तक खुलने वाले बार एवं नाइट क्लबों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. इन क्लबों के प्रबंधकों के साथ मालिकों की भी जिम्मेदारी तय की जाएगी व नियमों का उल्लंघन करने पर ऐसे क्लबों का लाइसेंस निरस्त किया जाएगा.

Also Read: अशोक गहलोत बोले- इस्तीफा देना चाहता हूं, लेकिन मुख्यमंत्री पद मुझे नहीं छोड़ रहा

भीलवाड़ा की घटना पर गहलोत ने जताया दुख

भीलवाड़ा में नाबालिग से दुष्कर्म व हत्या की घटना को दुखद बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई की है और अपराधियों को जल्द से जल्द सजा दिलवाने के प्रयास किए जा रहे हैं. गहलोत ने कहा कि उक्त घटना को राजनीतिक रंग देने के प्रयास किए जा रहे हैं, जो उचित नहीं है.

मणिपुर में आग लगी है और केन्द्र सरकार व प्रधानमंत्री मोदी सोए हुए हैं : गहलोत

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मणिपुर की स्थिति को लेकर केन्द्र सरकार और प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि मणिपुर में आग लगी है और भारत सरकार, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह सोये हुए हैं. ‘विश्व आदिवासी दिवस’ के अवसर पर बांसवाड़ा जिले में आयोजित रैली को संबोधित करते हुए गहलोत ने ऐतिहासिक मानगढ़ धाम को स्मारक के रूप में विकसित करने की शुरुआत 100 करोड़ रुपए की लागत के साथ करने की घोषणा की. इस अवसर पर गहलोत ने राज्य में फिर कांग्रेस नीत सरकार बनने का विश्वास जताया. केन्द्र की भाजपा नीत सरकार और प्रधानमंत्री पर तंज कसते हुए गहलोत ने कहा, मणिपुर में आग लगी है… लेकिन भारत सरकार, मोदी जी, अमित शाह जी सोये हुए हैं. पूरी दुनिया में आलोचना हो रही है, लेकिन इन्हें फिक्र ही नहीं है… इन्हें एहसास ही नहीं है दुनिया क्या सोच रही है. गहलोत ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने मणिपुर की घटनाओं का जिक्र करते समय राजस्थान का नाम लेकर राज्य के स्वाभिमान को चोट पहुंचायी है. मुख्यमंत्री ने कहा, एक प्रदेश जल रहा है… (लेकिन केन्द्र को इसकी) परवाह नहीं है. हमें इस बात का अफसोस है प्रधानमंत्री मोदी ने हमारे स्वाभिमान पर चोट की है… कहां मणिपुर, कहां राजस्थान और कहां छत्तीसगढ़… प्रधानमंत्री वहां भी राजनीति करने से नहीं चूके.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >