नूडल्स, चॉप सूई और स्टिकी राइस, भारत के इस चीनी काली मंदिर में प्रसाद के रूप में दी जाती है ये चीजें

इस चीनी काली मंदिर के बारे में सबसे दिलचस्प और अनोखा पहलू यह है कि यहां देवी काली को प्रसाद के रूप में नूडल्स, चॉप सूई, चावल और सब्जी जैसे व्यंजन चढ़ाये जाते हैं.

नयी दिल्ली : हमारा देश विविधताओं से भरा हुआ है. भिन्न-भिन्न प्रकार की संस्कृति, पहनावा और भाषाएं हैं. भारत में कुछ ऐसी दिलचस्प चीजें हैं जो इस देश में केवल यात्रा करने से ही समझ आ सकता है. नूडल्स और चॉप सूई भारत के एक शहर में प्रसाद के रूप में परोसी जाती है. क्या आपने कभी इसके बारे में सुना है. अगर नहीं सुना तो हम आपको यहां बता रहे हैं उस मंदिर के बारे में जहां ये चीजें प्रसाद के रूप में दी जाती हैं.

कोलकाता काली मंदिर में प्रसाद के रूप में नूडल्स और चॉप सूई परोसी जाती है. जी हां, आपने हमें सही सुना. कोलकाता के कई लोकप्रिय आकर्षणों में से यह चीनी काली मंदिर निश्चित रूप से एक आकर्षण है. यह मंदिर कोलकाता के तंगरा क्षेत्र में स्थित है, जिसे लोकप्रिय रूप से चाइना टाउन के रूप में जाना जाता है.

तिब्बती शैली की इस ऐतिहासिक गली में पुराने कोलकाता और पूर्वी एशिया की खूबसूरत संस्कृति एक साथ देखने को मिलती है. इस चीनी काली मंदिर के बारे में सबसे दिलचस्प और अनोखा पहलू यह है कि यहां देवी काली को प्रसाद के रूप में नूडल्स, चॉप सूई, चावल और सब्जी जैसे व्यंजन चढ़ाये जाते हैं और भक्तों को प्रसाद के रूप में यही दिया जाता है.

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यहां एक बंगाली पुजारी देवी की पूजा करता है और बुरी आत्माओं को दूर रखने के लिए यहां हस्तनिर्मित कागज जलाये जाते हैं. दिवाली समारोह के दौरान, चीनी अगरबत्ती के साथ यहां लंबी मोमबत्तियां जलाई जाती हैं. इस प्रकार, इस मंदिर में फैलने वाली सुगंध भी देश के अन्य प्रमुख हिंदू मंदिरों से अलग है.

मंदिर का इतिहास

रिपोर्टों के अनुसार, टंगरा में चीनी काली मंदिर लगभग 20 साल पहले चीनी और बंगाली दोनों लोगों के दान से बनाया गया था. मंदिर के निर्माण से पहले, हिंदूओं द्वारा इस जगह पर एक पेड़ के नीचे सिंदूर से लिपटे दो ग्रेनाइट पत्थरों की पूजा 60 से अधिक वर्षों से की जाती थी. किंवदंती है कि एक 10 वर्षीय चीनी लड़का गंभीर रूप से बीमार पड़ गया था और कोई इलाज काम नहीं कर रहा था. आशा खोकर उसके माता-पिता ने उसे पेड़ के नीचे लिटा दिया और कई रातों तक प्रार्थना की. लड़का चमत्कारिक रूप से ठीक हो गया और आध्यात्मिक स्थल राज्य में हिंदुओं के साथ-साथ चीनी समुदाय का भी एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया.

इसकी विशिष्टता

चीनी लोग भी मंदिर में प्रवेश करने से पहले अपने जूते उतारते हैं और फिर देवी काली की पूजा करते हैं. वास्तव में, वे प्रणाम भी अपने चीनी तरीके से करते हैं. कोलकाता में कुछ अन्य प्रमुख चीनी मंदिरों (जिन्हें चर्च कहा जाता है) में सी आईपी चर्च, टूंग ऑन चर्च, सी वोई यूने लिओंग फ़ुथ चर्च, जी हिंग चर्च और चोंग यी थोंग चर्च शामिल हैं.

Posted By: Amlesh Nandan.

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