Lockdown Relief : लॉकडाउन में दी जाएगी ढील, दिल्ली में खुलेंगी ये दुकानें

Lockdown in Delhi,coronavirus,Arvind Kejriwal : दिल्ली में कोई मार्केट, या शॉपिंग मॉल नहीं खुलेंगे. रिहाइशी इलाके की इक्की-दुक्की दुकानें खुलेंगी लेकिन कन्टेनमेंट एरिया में कोई दुकान नहीं खुलेगी.

दिल्ली में कोई मार्केट, या शॉपिंग मॉल नहीं खुलेंगे. रिहाइशी इलाके की इक्की-दुक्की दुकानें खुलेंगी लेकिन कन्टेनमेंट एरिया में कोई दुकान नहीं खुलेगी. यह बात दिल्ली के मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रविवार को कही. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के आदेश को हम दिल्ली में लागू कर रहे हैं. जो रिहायशी इलाके में दुकानें हैं, एकल दुकानें हैं वो खुलेंगी. कोई मार्केट, शॉपिंग मॉल, मार्केट कॉम्प्लेक्स नहीं खुलेंगे.

आगे अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अगले एक हफ्ते तक हम इस आदेश के अलावा और कुछ खोलने की इजाजत नहीं दे रहे हैं. 3 मई के बाद केंद्र सरकार लॉकडाउन पर क्या फैसला लेती है इस पर निर्भर करेगा कि हम दिल्ली में क्या फैसला लेते हैं. केंद्र सरकार के निर्णय के बाद हम अपनी आगे की दिशा तय करेंगे. उन्होंने कहा कि मुझे बहुत खुशी है कि सभी धर्मों के लोग आगे आकर लोगों की जान बचाना चाहते हैं. जिन लोगों की जान बच गयी वो अब कोशिश कर रहे हैं कि दूसरे लोगों की जान बचे.

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दिल्ली के मुख्‍यमंत्री ने कहा कि पिछला एक हफ्ता दिल्लीवालों के लिए उसके पहले वाले हफ्ते से थोड़ा बेहतर रहा है. पिछले हफ्ते में कम केस आये, कम लोगों की मौत हुए और काफी लोग ठीक होकर अपने घर गये हैं.

गांव हो या शहर, नहीं खुलेंगे मॉल सैलून, शराब की दुकान व रेस्टोरेंट

कोरोना से जंग के बीच केंद्र सरकार ने लॉकडाउन नियमों में सशर्त ढील दी है. अब शहरों में रेजिडेंशियल कॉम्प्लेक्स, गली-मोहल्ले की दुकानें खुलेंगी. बड़े बाजारों में स्थित दुकानें पहले की तरह ही बंद रहेंगी. ग्रामीण क्षेत्रों में शॉपिंग मॉल को छोड़ कर सभी दुकानें खुलेंगी. इनमें परचून, कपड़े और हार्डवेयर की दुकानें भी शामिल हैं. हालांकि, गांव हो या शहर कहीं भी हेयर सैलून या नाई की दुकानें , रेस्टोरेंट व मॉल नहीं खुलेंगे.

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इन शर्तों का पालन जरूरी

-50 %स्टाफ के साथ ही सभी दुकानों में काम

-कर्मियों का मास्क लगाना और सोशल डिस्टेंसिंग जरूरी

-दुकानों का रजिस्टर्ड होना अनिवार्य

इन्हें पहले से छूट

पेट्रोल-डीजल, एटीएम, मेडिकल, दूध, किराना, फल-सब्जी, मोबाइल रिचार्ज, बुक, आटा-दाल मिल, पंखा बेचनेवाली दुकानें व अन्य जरूरी सेवाएं.

कौन-कौन सी दुकानें खुलेंगी

-शहरों में रेजिडेंशियल कॉम्प्लेक्स के अंदर की दुकानें

-गली-मोहल्ले की दुकानें व स्टैंड अलोन शॉप्स

-नगर निगम क्षेत्र से बाहर रजिस्टर्ड बाजारों की दुकानें

-ग्रामीण इलाकों में सभी दुकानें व मार्केट कॉम्पलेक्स भी

-यदि कॉम्पलेक्स में सैलून, रेस्टोरेंट या शराब की दुकान है, तो नहीं खुलेगी

-कौन-कौन सी दुकानें रहेंगी बंद

-हेयर सैलून, शराब, तंबाकू

-सभी तरह के रेस्टोरेंट

-सभी बड़े बाजार

-गांव-शहरों में शॉपिंग मॉल

-एकल व बहुब्रांड आउटलेट्स

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लेखक के बारे में

Author: Amitabh Kumar

Published by: Prabhat Khabar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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