NIA ने जम्मू-कश्मीर में 10 ठिकानों पर की छापेमारी, पाकिस्तानी हैंडलर्स से जुड़े आतंकी नेटवर्क की तलाश

NIA ने जम्मू-कश्मीर में क्रॉस बॉर्डर टेरर साजिश से जुड़े मामले में 10 ठिकानों पर छापेमारी की है. कार्रवाई पाकिस्तानी हैंडलर्स और स्थानीय ओवर ग्राउंड वर्कर्स (OGWs) के कथित नेटवर्क पर केंद्रित है. एजेंसी ने कहा कि यह बड़ी साजिश की चल रही जांच का हिस्सा है.

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने शनिवार( 22 अगस्त ) को जम्मू-कश्मीर में क्रॉस बॉर्डर टेरर साजिश से जुड़े मामले में 10 ठिकानों पर छापेमारी की. ये कार्रवाई श्रीनगर, कुपवाड़ा, अनंतनाग, पुलवामा और बडगाम जिलों में की गई. एएनआई न्यूज एजेंसी के मुताबित, NIA का फोकस पाकिस्तानी हैंडलर्स और स्थानीय ओवर ग्राउंड वर्कर्स (OGWs) के कथित नेटवर्क पर है.

दस्तावेज और डिजिटल सबूत जुटाए

NIA के मुताबिक, तलाशी का मकसद साजिश से जुड़े दस्तावेज, डिजिटल डिवाइस और अन्य महत्वपूर्ण सबूत जुटाना है. साथ ही एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि स्थानीय नेटवर्क से जुड़े लोगों की इसमें क्या भूमिका थी.

OGW की गिरफ्तारी से खुला मामला

यह मामला श्रीनगर के ज़कूरा थाने में दर्ज FIR नंबर 0024/2026 से जुड़ा है. बाद में NIA ने इस केस को UAPA, आर्म्स एक्ट और एक्सप्लोसिव सब्सटेंस एक्ट के तहत अपने हाथ में लिया. जांच की शुरुआत 31 मार्च की देर रात एक नाके पर कथित LeT से जुड़े OGW की गिरफ्तारी के बाद हुई थी. उसके पास से हैंड ग्रेनेड और जिंदा गोलियां बरामद हुई थीं.

पाकिस्तानी आतंकियों से कनेक्शन का दावा

जांच के दौरान इस साजिश से कथित तौर पर जुड़े पाकिस्तानी आतंकियों को गिरफ्तार किया गया. इसके साथ ही स्थानीय मददगारों की पहचान और उनकी कथित भूमिकाओं का भी पता लगाया गया.

आतंकियों को पनाह और लॉजिस्टिक सपोर्ट

NIA ने कहा कि अब तक की जांच में पाकिस्तानी हैंडलर्स और स्थानीय सहयोगियों के बीच कथित संबंध सामने आए हैं। इन लोगों का इस्तेमाल संचार, आतंकियों की आवाजाही, छिपाने, ठहरने, रेकी और अन्य तरह की मदद के लिए किए जाने का आरोप है.

फंडिंग और हथियारों की भी जांच

एजेंसी अब आरोपियों के वित्तीय लेन-देन, कम्युनिकेशन चैनल, आवाजाही और हथियारों व विस्फोटकों के स्रोत की भी जांच कर रही है. NIA का कहना है कि मकसद पूरे नेटवर्क और उसकी गतिविधियों की कड़ियों को जोड़ना है.

आगे और कार्रवाई संभव

NIA ने कहा कि शनिवार की छापेमारी बड़ी साजिश की चल रही जांच का हिस्सा है. तलाशी के दौरान मिले सबूतों की जांच की जा रही है और उन्हें अन्य सामग्री से मिलाकर देखा जा रहा है. जांच आगे बढ़ने पर गिरफ्तारियां या अन्य बरामदगी भी हो सकती है.

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By सत्येन्द्र गिरि

सत्येन्द्र गिरि प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. यहां वे मुख्य रूप से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विषयों से जुड़ी खबरों का लेखन करते हैं. सरल, तथ्यात्मक और पाठक-केंद्रित लेखन उनकी प्रमुख पहचान है. उन्होंने एशिया के प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से मास्टर ऑफ आर्ट्स इन मास कम्युनिकेशन (बैच 2023–25) की डिग्री प्राप्त की है.

पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान उन्होंने समाचार लेखन, डिजिटल मीडिया, रिपोर्टिंग और समसामयिक विषयों की गहन समझ विकसित की. पत्रकारिता के क्षेत्र में उनके पास एक वर्ष का पेशेवर अनुभव है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत अमर उजाला के गोरखपुर एडिशन से की, जहां समाचार लेखन और रिपोर्टिंग की बारीकियों को नजदीक से सीखने और समझने का अवसर मिला. इसके बाद उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता में कदम रखते हुए प्रभात खबर डिजिटल से जुड़कर देश-विदेश की महत्वपूर्ण खबरों को पाठकों तक पहुंचाने का कार्य शुरू किया.

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