Nepal Floods: 'आंखों के सामने बह गई बस', मौत को मात देकर नागपुर लौटे 100 पर्यटक

Nepal Floods: नेपाल की भीषण बाढ़ से सुरक्षित लौटे नागपुर के करीब 100 पर्यटकों ने खौफनाक मंजर याद किया. यात्रियों ने बताया कि बढ़ते पानी में एक बस बह गई और कई लोग फंसे रहे. एक समय उन्हें लगा था कि शायद वे अपने घर वापस नहीं लौट पाएंगे.

Nepal Floods: नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बीच फंसे नागपुर के करीब 100 पर्यटक रविवार को सुरक्षित घर लौट आए. यात्रियों ने बताया कि हालात इतने खराब थे कि एक समय उन्हें घर लौटना लगभग नामुमकिन लगने लगा था. रास्ते में उन्होंने बढ़ते पानी के बीच एक बस को बहते हुए भी देखा. यात्रियों ने कहा कि नेपाल में बारिश और बाढ़ का मंजर बेहद डरावना था.

काठमांडू में फंसे रहे पर्यटक

यात्रियों में शामिल योगेश गावंडे ने बताया कि बाढ़ की सबसे बड़ी तबाही उनके ठहरने की जगह से करीब 50 किलोमीटर दूर हुई थी. वे उस समय काठमांडू में फंसे हुए थे. उन्होंने कहा कि खराब मौसम और लगातार बारिश के कारण वहां से निकलना आसान नहीं था. बाद में उन्हें भारत वापस लाने की व्यवस्था की गई.

आंखों के सामने बहती देखी बस

गावंडे ने बताया कि भारत लौटते समय हमने बाढ़ का खतरनाक रूप करीब से देखा. उन्होंने बताया कि बढ़ते जलस्तर के बीच एक बस पानी में बह गई. आसपास तेज बारिश हो रही थी और मौसम बेहद खराब था. पूरा सफर डर और चिंता से भरा रहा.

‘घर लौटने की उम्मीद छोड़ दी थी’

एक बुजुर्ग महिला यात्री ने बताया कि नेपाल में हालात इतने खराब हो चुके थे कि उन्हें एक समय लगा कि वे नागपुर अपने घर और बच्चों के पास वापस नहीं लौट पाएंगी. उन्होंने कहा कि उन्होंने अपनी आंखों के सामने बाढ़ का पानी और लोगों को बहते हुए देखा. हालांकि वे सुरक्षित जगह पर थीं, इसलिए बच गईं.

फडणवीस की मदद के बाद जगी वापसी की उम्मीद

यात्रियों ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का आभार जताया. उनका कहना है कि मदद पहुंचने के बाद ही उन्हें वापस भारत लौटने की उम्मीद जगी. नागपुर लौटने के बाद यात्रियों और उनके परिवारों ने राहत की सांस ली. कई लोगों ने नेपाल में बिताए समय को बेहद डरावना अनुभव बताया.

भोटे कोशी नदी को लेकर फिर अलर्ट

इस बीच नेपाल में भोटे कोशी नदी का जलस्तर फिर बढ़ने की खबर सामने आई है. इसके बाद राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन प्राधिकरण ने नया जन सुरक्षा अलर्ट जारी किया है. अधिकारियों ने नदी के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों और राहत टीमों को सतर्क रहने को कहा है.

रसुवा, नुवाकोट और धाडिंग में सतर्कता

नया अलर्ट खास तौर पर रसुवा, नुवाकोट और धाडिंग जिलों के लिए जारी किया गया है. ये इलाके 26 अगस्त की बाढ़ से पहले ही बुरी तरह प्रभावित हो चुके हैं. रसुवा में नदी किनारे बसे इलाकों को जलस्तर पर लगातार नजर रखने को कहा गया है. नुवाकोट और धाडिंग में भी स्थानीय प्रशासन और आपात सेवाओं को अलर्ट पर रखा गया है.

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लेखक के बारे में

By प्रीतीश सहाय

12 वर्षों से टीवी पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सेवाएं दे रहा हूं. रांची विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग से पढ़ाई की है. राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय विषयों के साथ-साथ विज्ञान और ब्रह्मांड विषयों पर रुचि है. बीते छह वर्षों से प्रभात खबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में काम करने के बाद डिजिटल जर्नलिज्म का अनुभव काफी अच्छा रहा है.
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