नयी दिल्ली: भारत के खिलाफ दुष्प्रचार करने वाले पाकिस्तान समर्थित वेबसाइट और यूट्यूब चैनल (YouTube Channels) पर नरेंद्र मोदी सरकार (Narendra Modi Govt) ने बड़ी कार्रवाई की है. पाकिस्तान के इशारे पर चलने वाले इन चैनल्स पर सरकार ने प्रतिबंध लगा दिया है. सरकार ने पाक समर्थित इन चैनल्स और यूट्यूब के खिलाफ मंगलवार को यह कार्रवाई की. सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने यह जानकारी दी है.
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने कहा है कि इंटेलिजेंस एजेंसियों से मिले इनपुट के आधार पर इन्फॉरमेशन टेक्नोलॉजी (इंटरमीडियरी गाईडलाइंस एंड डिजिटल मीडिया एथिक्स कोड) रूल्स, 2021 के रूल 16 में मिले अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए टेलिकॉम डिपार्टमेंट को निर्देश दिया है कि वह इंटरनेट सेवा प्रदान करने वालों को इन यूट्यूब चैनल्स और वेब पोर्टल्स को ब्लॉक करने का निर्देश जारी करे.
मंत्रालय ने आगे बताया है कि जिन चैनलों और वेबसाइट्स को ब्लॉक किया गया है, उनके जरिये पाकिस्तान से दुष्प्रचार फैलाया जा रहा था. इसमें कश्मीर, भारतीय सेना, राम मंदिर, अल्पसंख्यक समुदायों और देश के प्रथम चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) बिपिन रावत के बारे में गलत एवं भ्रामक जानकारियां फैलायी जा रही थी.
सरकार ने कहा है कि इन यूट्यूब चैनल्स और वेबसाइट्स पर भारत को बांटने वाले संदेश प्रसारित किये जा रहे हैं. ये संदेश पाकिस्तान के कहने पर प्रसारित हो रहे हैं. ये संदेश न केवल संवेदनशील हैं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा हैं. ये सूचनाएं तथ्यात्मक रूप से गलत होती हैं.
सरकार ने बताया है कि एक ऐसा यूट्यूब चैनल का नेटवर्क है, जो पाकिस्तान से संचालित होता है. नया पाकिस्तान ग्रुप (Naya Pakistan Group) और कई अन्य स्टैंडअलोन चैनल हैं. संयुक्त रूप से इनके 35 लाख से ज्यादा सब्सक्राइबर हैं. ये मिलकर गलत सूचना फैलाने में लगे थे. सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने कहा है कि नया पाकिस्तान ग्रुप (NPG) के कई यूट्यूब चैनल का संचालन पाकिस्तानी न्यूज चैनल के एंकर करते थे.
बैन किये गये चैनल और साइट्स
जिन यूट्यूब चैनलों को ब्लॉक किया गया है, उनके नाम इस प्रकार हैं: पंच लाइन, इंटरनेशनल वेब न्यूज, खालसा टीवी, द नेकेड ट्रुथ, 48 न्यूज, फिक्शनल, हिस्टोरिकल फैक्ट्स, कवर ्टोरी, गो ग्लोबल, ई-कॉमर्स, जुनैत हलीम ऑफिशियल, तैयब हनीफ, जैन अली ऑफिशियल, मोहसिन राजपूत, ऑफिशियल, कनीज फातिमा, सदफ दुर्रानी, मियां इमरान, अहमद, नजम उल हसन, बाजवा और न्यूज 24.
सरकार ने यह भी कहा है कि इन यूट्यूब चैनलों ने कथित तौर पर एक धर्म विशेष के अल्पसंख्यकों के मन में केंद्र सरकार के खिलाफ जहर भरा गया. इन चैनलों ने किसान आंदोलन और नागरिक (संशोधन) कानून के बारे में जमकर दुष्प्रचार फैलाया और लोकतंत्रिक प्रक्रिया को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया. सरकार को आशंका है कि पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों में ये चैनल्स भ्रामक प्रचार करके मतदान प्रक्रिया को प्रभावित कर सकते हैं.
Posted By: Mithilesh Jha
