मोदी सरकार ने Coronavirus को National Disaster घोषित किया, मौत पर 4 लाख की मदद

केंद्र सरकार ने कोरोना वायरस की वजह से जान गंवानेवाले शख्स के परिवार को 4 लाख रुपये सहायता राशि के रूप में देने की घोषणा की है. इसमें मरीजों की देखरेख करनेवाले लोग भी शामिल हैं.

नयी दिल्ली : देश में कोरोना वायरस के मामलों की संख्या बढ़कर 85 हो गयी है, जबकि इससे मरने वालों की संख्‍या बढ़कर दो गयी है. कोरोना को लेकर केंद्र सरकार ने एक बड़ी घोषणा की है. केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने कोरोनावायरस को राष्ट्रीय आपदा घोषित कर दिया है. अब सभी राज्य सरकारें इससे लड़ने के लिए राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (SDRF) का इस्तेमाल कर सकेंगे.

इसके अलावा केंद्र सरकार ने कोरोना वायरस की वजह से जान गंवानेवाले शख्स के परिवार को 4 लाख रुपये सहायता राशि के रूप में देने की घोषणा की है. इसमें मरीजों की देखरेख करनेवाले लोग भी शामिल हैं.

गौरतलब है कि कोरोना से जो दो लोगों की मौत हुई है उसमें दिल्ली और कर्नाटक में हुई एक-एक व्यक्ति की मौत के मामले शामिल हैं. सऊदी अरब से हाल में लौटे कलबुर्गी के 76 वर्षीय एक व्यक्ति की बृहस्पतिवार को मौत हो गई थी जबकि कोरोना वायरस से संक्रमित दिल्ली की 68 वर्षीय एक महिला की शुक्रवार की रात राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल में हो गई थी.

स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि महिला का पुत्र विदेश से आया था और वह कोरोना वायरस से संक्रमित पाया गया था. महिला की मौत मधुमेह और उच्च रक्तचाप के कारण हुई. दिल्ली में अब तक कोरोना वायरस के संक्रमण के सात मामले और उत्तर प्रदेश में 11 मामले सामने आये है.

कर्नाटक में कोरोना वायरस के छह मरीज जबकि महाराष्ट्र में 14 और लद्दाख में तीन मरीज है. इसके अलावा राजस्थान, तेलंगाना, तमिलनाडु, जम्मू कश्मीर, आंध प्रदेश और पंजाब से एक-एक मामला सामने आया है. केरल में कोरोना वायरस के 19 मामले दर्ज किये गये है जिनमें से तीन मरीजों को पिछले महीने इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई थी.

मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि 83 पुष्ट मामलों में 17 विदेशी नागरिक शामिल हैं. इनमें इटली के 16 पर्यटक और कनाडा का एक नागरिक है. मालूम हो विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कोविड-19 को एक महामारी घोषित किया है. गृह मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव अनिल मलिक ने कहा था कि केवल चार भारत-नेपाल सीमा चौकियां संचालित रहेंगी और भूटान तथा नेपाल के नागरिकों के लिए देश में वीजा मुक्त प्रवेश जारी रहेगा. उन्होंने कहा कि करतारपुर गलियारे को बंद करने का निर्णय विचाराधीन है.

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Published by: Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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