Waqf Law Violence: मुर्शिदाबाद हिंसा में पिता-पुत्र सहित 3 लोगों की मौत

Waqf Law Violence: पश्चिम बंगाल का मुर्शिदाबाद जिला वक्फ (संशोधन) अधिनियम के विरोध में जल रहा है. शनिवार को हिंसक भीड़ ने पिता और पुत्र को मार डाला. इधर पश्चिम बंगाल के नेता प्रतिपक्ष और भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने हिंसा को लेकर कलकत्ता हाई कोर्ट का रुख किया है. उन्होंने हिंसा को देखते हुए पश्चिम बंगाल में केंद्रीय बलों की तैनाती की मांग की है.

Waqf Law Violence: पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में वक्फ संशोधन अधिनियम के खिलाफ विरोध प्रदर्शन जारी है. इस बीच धुलियान में तीन लोगों की मौत हो गई. इसकी जानकारी पुलिस ने दी है. हिंसा के बाद इलाके में इंटरनेट को बंद कर दिया गया है और सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है. पुलिस ने बताया कि वक्फ (संशोधन) अधिनियम के विरोध में शुक्रवार को जिले के सुती और समसेरगंज इलाकों से बड़े पैमाने पर हिंसा भड़ उठी. हिंसा के बाद, बांग्लादेश की सीमा से लगे जिले के कुछ इलाकों में बीएसएफ को तैनात किया गया. हिंसा की घटनाओं में कथित संलिप्तता के सिलसिले में अब तक 118 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है. पुलिस अधिकारियों ने लोगों से सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाये रखने का आग्रह किया.

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भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की तैनाती की मांग की

बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी ने केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की तैनाती की मांग की. उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा, “पश्चिम बंगाल में बड़े पैमाने पर सांप्रदायिक दंगों के मद्देनजर, मैंने केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की आवश्यकता के लिए राज्य सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की थी. राज्य सरकार ने इसे स्वीकार नहीं किया. कोई अन्य विकल्प न होने पर, मैंने तत्काल सुनवाई के लिए हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया. मेरी प्रार्थना स्वीकार कर ली गई है और जस्टिस सौमेन सेन और न्यायमूर्ति राजा बसु चौधरी की खंडपीठ मेरे द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करेगी.

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शुभेंदु अधिकारी ने एनआईए जांच की मांग की

पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने वक्फ (संशोधन) अधिनियम का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों द्वारा कथित तौर पर रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और तोड़फोड़ किये जाने की जांच शनिवार को राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) को सौंपने की मांग की. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर भाजपा नेता अधिकारी ने उनका ध्यान वक्फ (संशोधन) अधिनियम के खिलाफ हिंसक विरोध प्रदर्शन के दौरान मुर्शिदाबाद जिले में विभिन्न रेलवे स्टेशनों पर की गई तोड़फोड़ की ओर आकृष्ट किया है. अधिकारी ने पत्र में कहा, “मैं विनम्रतापूर्वक अनुरोध करता हूं कि तोड़फोड़ की इन घटनाओं की जांच एनआईए को सौंपी जाए.”

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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