MP Rajasthan Weather: मध्य प्रदेश और राजस्थान में मौसम की करवट जारी है. पश्चिमी विक्षोभ और अलग-अलग दिशाओं से आ रही हवाओं के टकराव के कारण दोनों राज्यों में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का नया दौर शुरू होने की संभावना है. मौसम विभाग ने कई जिलों में खराब मौसम को लेकर अलर्ट जारी किया है. मौसम की खबर देने वाली निजी एजेंसी स्काईमेट वेदर की एक रिपोर्ट के मुताबिक बीते 15 दिनों में राजस्थान और मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि हो चुकी है. अनुमान है कि अगले तीन दिनों तक मौसम एक बार फिर तल्ख हो सकता है. खराब मौसम के कारण सबसे ज्यादा किसानों की चिंता बढ़ गई है. ओलावृष्टि के कारण फसलों को नुकसान हो सकता है.
पश्चिमी विक्षोभ और हवाओं के टकराव से बिगड़ा मौसम
स्काईमेट वेदर की एक रिपोर्ट के मुताबिक मौजूदा समय में एक पश्चिमी विक्षोभ(Western Disturbance) उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों के पास से गुजर रहा है. इसके साथ ही मध्य राजस्थान और उससे सटे मध्य प्रदेश पर एक प्रेरित चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है. प्रतिचक्रवात से आने वाली मुड़ी हुई हवाएं और चक्रवाती परिसंचरण की हवाएं राजस्थान-मध्य प्रदेश की सीमा पर टकरा रही हैं. इसी टकराव से तेज आंधी, गरज-चमक और कहीं-कहीं ओलावृष्टि हो रही है.
इन इलाकों में बिगड़ेगा मौसम
पश्चिमी विक्षोभ और मुड़कर आई हवा के टकराने से बनी मौसमी प्रणाली एक सीमित दायरे में अपना खासा असर दिखा सकती है. स्काईमेट वेदर के मुताबिक इसका ज्यादा असर उत्तर मध्य प्रदेश और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों में दिखाई दे सकता है. 2 से 4 फरवरी के दौरान कोटा, बारां, बूंदी, झालावाड़, रतलाम, नीमच, मंदसौर, ग्वालियर, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, भिंड, मुरैना और दतिया में आंधी, ओले और तेज हवाओं के चलने की संभावना है. इसके अलावा टीकमगढ़, पन्ना, छतरपुर, रीवा और सतना भी प्रभावित हो सकते हैं. 5 से 8 फरवरी के बीच मौसम में सुधार की उम्मीद है, हालांकि 9 फरवरी के बाद एक बार फिर मौसम बिगड़ सकता है.
