MP: कुर्सी संभालते ही एक्शन में CM मोहन यादव, धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर बैन, खुले में मांस की बिक्री पर रोक

मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालने के बाद मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव ने धार्मिक स्थलों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर लाउडस्पीकर पर बैन लगा दिया है. जारी आदेश में लिखा गया कि सरकार के संज्ञान में आया है कि विभिन्न धर्म स्थलों में निर्धारित डेसिबल का उल्लंघन करते हुए लाउडस्पीकर का उपयोग किया जा रहा है.

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक दल के नेता और उज्जैन दक्षिण से विधायक मोहन यादव ने बुधवार को भोपाल में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. उन्हें लाल परेड मैदान में राज्यपाल मंगूभाई पटेल ने पद की शपथ दिलाई. इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा और शिवराज सिंह चौहान मौजूद थे. इधर सीएम की कुर्सी संभालते ही मोहन यादव एक्शन में आ गए हैं. एक के बाद एक कई कड़े फैसले उन्होंने लिए.

मध्य प्रदेश में धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर बैन

मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालने के बाद मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव ने धार्मिक स्थलों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर लाउडस्पीकर पर बैन लगा दिया है. जारी आदेश में लिखा गया कि सरकार के संज्ञान में आया है कि विभिन्न धर्म स्थलों में निर्धारित डेसिबल का उल्लंघन करते हुए लाउडस्पीकर का उपयोग किया जा रहा है. शोर से लोगों के काम करने की क्षमता, आराम, नींद और संवाद में व्यवधान पड़ता है. इस लिए सभी धार्मिक स्थलों और सार्वजनिक स्थानों पर लाउडस्पीकर के प्रयोग को नियंत्रित करने का निर्णय लिया गया है. इसके लिए अधिकतम तीव्रता निर्धारित किया गया है. जिसके अनुसार औद्योगिक क्षेत्र में दिन में 75 डेसिबल और रात में 70 डेसिबल तय किया गया है. जबकि वाणिज्यिक क्षेत्रों में दिन में 65 डेसिबल और रात में 55 डेसिबल तय किया गया है. रिहायसी एरिया में दिन में 55 डेसिबल और रात में 45 डेसिबल तय किया गया है. वहीं शांत क्षेत्रों में 50 डेसिबल और रात में 40 डेसिबल तय किया गया है.

खुले में मांस की बिक्री पर रोक

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने खुले में मांस की बिक्री पर पर भी रोक लगाने के निर्देश दिया है. उन्होंने अपने पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, आज हमने पहली कैबिनेट बैठक में कई चर्चाएं की हैं. हमने आज कैबिनेट बैठक में खुले में मांस की बिक्री का मुद्दा उठाया है और इसके लिए नियम लाने का प्रस्ताव रखा है.


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शपथ लेने से पहले भोपाल में एक मंदिर में मोहन यादव ने की पूजा-अर्जना

शपथ समारोह में जाने से पहले मोहन यादव ने भोपाल में एक मंदिर में पूजा-अर्चना की. वह जनसंघ के संस्थापक सदस्यों में से एक पंडित दीनदयाल उपाध्याय और भाजपा के संस्थापक विचारक श्यामा प्रसाद मुखर्जी को श्रद्धांजलि देने के लिए प्रदेश भाजपा कार्यालय भी गए.

मध्य प्रदेश के 19वें मुख्यमंत्री बने मोहन यादव

तीन बार के बीजेपी विधायक मोहन यादव मध्य प्रदेश के 19वें मुख्यमंत्री हैं. वर्ष 2003 के बाद से, मध्य प्रदेश में भाजपा के सभी तीन मुख्यमंत्री, अर्थात उमा भारती, बाबूलाल गौर और चौहान, अन्य पिछड़ा वर्ग से रहे हैं. साथ ही, यादव भी ओबीसी वर्ग से आते हैं.

एमपी में शिवराज का राज खत्म

मुख्यमंत्री के रूप में यादव की नियुक्ति से भाजपा के दिग्गज नेता और चार बार के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के युग का भी अंत हो गया, जिन्होंने करीब दो दशकों तक राज्य की राजनीति पर दबदबा बनाए रखा. यादव मुख्यमंत्री पद के दावेदारों में नहीं थे. उन्हें अहम पद की जिम्मेदारी देना आगामी लोकसभा चुनावों से पहले अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) समुदाय पर पकड़ मजबूत करने के लिए भाजपा के एक कदम के रूप में देखा जा रहा है. मध्य प्रदेश की आबादी में ओबीसी की हिस्सेदारी 48 प्रतिशत से अधिक है.

सीएम बनने के साथ मोहन यादव ने तय की अपनी प्राथमिकता

मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के साथ ही मोहन यादव ने अपनी प्राथमिकता तय की. प्राथमिकताओं के बारे में पूछे जाने पर, यादव ने कहा, हम प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में राज्य में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार (क्षेत्रों) और अन्य सभी क्षेत्रों में विकास पर ध्यान केंद्रित करेंगे.

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By Arbindkumar mishra

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