Milk Price Hike: मदर डेयरी ने दिया झटका, फुल क्रीम दूध की कीमत एक रुपये और टोकन में दो रुपये की वृद्धि

मदर डेयरी के प्रवक्ता ने बताया, फुल क्रीम दूध की कीमत 63 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 64 रुपये प्रति लीटर हो गई है. टोकन दूध की कीमत 48 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 50 रुपये प्रति लीटर हो गई है.

मदर डेयरी ने आम लोगों को एक बार फिर से जोर का झटका दिया है. फुल क्रीम दूध की कीमत में एक रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हो गयी है. अब फुल क्रीम दूध की कीमत 63 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 64 रुपये प्रति लीटर हो गई है.

बढ़ी हुई कीमत सोमवार से लागू

मदर डेयरी ने बताया, दिल्ली-एनसीआर में फुल क्रीम दूध का दाम एक रुपये प्रति लीटर बढ़ाया गया है. जबकि टोकन वाले दूध के दाम में दो रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की गयी है. डेयरी की ओर से बताया गया कि नयी दरें सोमवार से लागू होंगी.

टोकन दूध की कीमत में भी बढ़ोतरी

मदर डेयरी के प्रवक्ता ने बताया, फुल क्रीम दूध की कीमत 63 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 64 रुपये प्रति लीटर हो गई है. टोकन दूध की कीमत 48 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 50 रुपये प्रति लीटर हो गई है. उन्होंने बताया, फुल क्रीम दूध के 500 एमएल पैक की कीमत में कोई संशोधन नहीं किया गया है.

एक साल में चौथी बार बढ़ी दूध की कीमत

दिल्ली-एनसीआर में प्रतिदिन 30 लाख लीटर से अधिक दूध की आपूर्ति करने वाली मदर डेयरी ने इस साल दूध की कीमतों में चौथी बार बढ़ोतरी की है.

इस कारण से बढ़ी दूध की कीमत

मदर डेयरी के प्रवक्ता ने बताया, लागत बढ़ने के चलते दूध की कीमत में वृद्धि की गयी है. मदर डेयरी ने कीमतों में बढ़ोतरी के लिए डेयरी किसानों से कच्चे दूध की खरीद लागत में बढ़ोतरी को जिम्मेदार ठहराया. प्रवक्ता ने कहा, इस साल डेयरी उद्योग में दूध की मांग और आपूर्ति में भारी अंतर देखा जा रहा है. कंपनी ने कहा कि कच्चे दूध की उपलब्धता चारे की बढ़ती लागत और अनिश्चित मानसून के कारण प्रभावित हुई है. मदर डेयरी ने कहा कि इसके अलावा प्रसंस्कृत दूध की मांग काफी बढ़ गई है. प्रवक्ता ने कहा, त्योहारी मौसम के बाद भी मांग-आपूर्ति में अंतर के कारण कच्चे दूध की कीमतों में मजबूती आई है.

दूध की कीमतों में बढ़ोतरी से बिगड़ सकता है घरेलू बजट

दूध की कीमतों में बढ़ोतरी से घरेलू बजट प्रभावित हो सकता है. क्योंकि इस वक्त खाद्य मुद्रास्फीति पहले ही काफी अधिक है. दिल्ली-एनसीआर में रह रहे लोगों को दूध की कीमत में बढ़ोतरी से काफी असर पढ़ेगा. उनके आमदनी और खर्च पर इसका असर साफ नजर आयेगा.

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लेखक के बारे में

By Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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