Mock Drill: पाकिस्तान बॉर्डर से सटे राज्यों में मॉक ड्रिल स्थगित

Mock Drill: पाकिस्तान बॉर्डर से सटे राज्यों में 29 मई 2025 को होने वाले मॉक ड्रिल जिसे “ऑपरेशन शील्ड” का नाम दिया गया था, उसे फिलहाल स्थगित कर दिया गया है. प्रशासनिक कारणों से गुजरात और राजस्थान में स्थगित कर दिया गया.

Mock Drill: नागरिक सुरक्षा अभ्यास “ऑपरेशन शील्ड” जिसे 29 मई 2025 को पाकिस्तान की सीमा से लगे राज्यों में आयोजित किया जाना था, प्रशासनिक कारणों से गुजरात और राजस्थान में स्थगित कर दिया गया. चंडीगढ़ ने भी अभ्यास स्थगित कर दिया है. हरियाणा सरकार ने राज्य के अधिकारियों से कल शाम 5 बजे अभ्यास की योजना बनाने और उसे आयोजित करने का अनुरोध किया है. इससे पहले खबर आई थी कि 4 राज्यों में जम्मू-कश्मीर, पंजाब, राजस्थान और गुजरात में फिर से मॉक ड्रिल करने का आदेश दिया थ्हा. इन राज्यों की सीमाएं प��किस्तान से लगती हैं. बॉर्डर से सटे इलाकों को सबसे अधिक खतरा रहता है. पिछले दिनों भारत-पाकिस्तान संघर्ष के दौरान बॉर्डर से सटे इलाकों के लोगों को काफी नुकसान का सामना करना पड़ा था.

भारत के एयर स्ट्राइक के जवाब में पाकिस्तान ने आम नागरिकों पर साधा था निशाना

भारत के ऑपरेशन सिंदूर से पाकिस्तान बौखला गया था. जिसके बाद पड़ोसी देश ने बॉर्डर से सटे इलाकों को अपना निशाना बनाया था. हालांकि पाकिस्तान के सभी हमलों को भारतीय सेना ने नाकाम कर दिया था, लेकिन फिर भी सीमा से सटे गांव के नागरिकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा.

मॉक ड्रिल से क्या लाभ?

मॉक ड्रिल एक तरह का अभ्यास होता है. जिसमें लोगों को जंग या युद्ध जैसे हालात से निपटने के लिए तैयार किया जाता है. पिछली बार भी देशभर में आयोजित मॉक ड्रिल में बताया गया था कि सायरन बजने पर क्या करना है. सायरन बजने के बाद देशभर में कुछ समय के लिए ब्लैक आउट भी किया गया था.

‘ऑपरेशन सिंदूर’ जारी है: आईजी

सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के ‘जम्मू फ्रंटियर’ के महानिरीक्षक (आईजी) शशांक आनंद ने मंगलवार को कहा कि पाकिस्तान पर भरोसा नहीं किया जा सकता, इसलिए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ जारी है और सीमा बल ने अंतरराष्ट्रीय सीमा पर अपनी चौकसी में कोई कमी नहीं आने दी है. उन्होंने सीमा रेखा से घुसपैठ की कोशिशों की आशंका जताते हुए कहा कि बीएसएफ ‘हाई अलर्ट’ पर है.

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Published by: Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

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UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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