पिछले दिनों आए यास चक्रवात के कारण पश्चिम बंगाल को कितना नुकसान हुआ है? इस सवाल का जवाब खोजने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय की टीम रविवार रात करीब 9.30 बजे कोलकाता पहुंच गई. टीम तीन दिनों तक राज्य में यास चक्रवात से हुए नुकसान का आकलन करेगी. टीम के एक सदस्य के मुताबिक वो दक्षिण 24 परगना के विभिन्न जिलों का दौरा करके यास चक्रवात से हुए नुकसान का पता लगाएंगे. पीएम नरेंद्र मोदी भी पश्चिम बंगाल का हवाई सर्वे कर चुके हैं.
बंगाल की खाड़ी से 26 मई को ओड़िशा और पश्चिम बंगाल पहुंचे यास चक्रवात के कारण दोनों राज्यों को काफी नुकसान हुआ था. यास चक्रवात से हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी भी दोनों राज्यों का दौरा कर चुके हैं. पश्चिम बंगाल के कलाईकुंडा में पीएम मोदी ने विशेष समीक्षा बैठक भी की थी. कलाईकुंडा में पीएम नरेंद्र मोदी की समीक्षा बैठक के बाद पश्चिम बंगाल, झारखंड और ओड़िशा के लिए 1,000 करोड़ रुपए के राहत पैकेज का ऐलान हुआ था.
पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने यास चक्रवात से हुए नुकसान की भरपाई के लिए केंद्र सरकार से 20,000 करोड़ रुपए की मांग की थी. उन्होंने कहा था कि यास चक्रवात के कारण 18 लाख की आबादी प्रभावित हुई है. उन्हें तुरंत मदद देने की जरुरत है. सीएम ममता बनर्जी ने केंद्र पर चक्रवात पीड़ितों को राहत सामग्री और मुआवजा देने में भेदभाव का आरोप भी लगाया था.
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राज्य सरकार ने पश्चिम बंगाल में आए यास चक्रवात से हुए नुकसान का आकलन करने के लिए सैटेलाइट की मदद लेने का फैसला लिया था. राज्य सरकार का दावा था कि सैटेलाइट के जरिए यास चक्रवात से हुए नुकसान का सही से आकलन किया जा सकता है. राज्य सरकार का कहना था कि सैटेलाइट इमेज के आधार पर नुकसान की समीक्षा की जाएगी. इससे नुकसान की सही जानकारी मिल सकेगी. इसी के आधार पर चक्रवात पीड़ितो को राज्य सरकार मुआवजा भी देगी.
