विदेश मंत्रालय की फैक्ट चेक टीम ने साफ किया कि प्रवक्ता के बयान को गलत तरीके से पेश किया गया है. वायरल पोस्ट में प्रवक्ता के हवाले से कहा गया था कि जांच में किसी विदेशी फंडिंग की बात सामने नहीं आई है, जबकि हकीकत में ऐसा कोई बयान जारी ही नहीं हुआ था.
प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने क्या दिया था बयान?
मीडिया ब्रीफिंग का सही संदर्भ देते हुए विदेश मंत्रालय ने बताया कि प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने केवल इतना कहा था, "विदेशी फंडिंग और अन्य आरोपों के संबंध में फिलहाल मेरे पास साझा करने के लिए कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है."
बिना पुष्टि गलत जानकारी शेयर करने से बचें
विदेश मंत्रालय ने कहा कि मीडिया और सोशल मीडिया पर आधिकारिक बयानों को बिना पुष्टि के गलत तरीके से पेश न किया जाए.
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद थमा छात्रों का आंदोलन
NEET-UG 2026 परीक्षा में पेपर लीक और धांधली को लेकर देशभर में छात्रों का विरोध प्रदर्शन धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के साथ शनिवार को खत्म हुआ. कॉकरोच जनता पार्टी की अगुआई में जंतर मंतर में छात्रों का विरोध प्रदर्शन 36 दिनों तक चला.
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