मौलाना महमूद मदनी ने इस्लाम को बताया सबसे पुराना धर्म, कहा- भारत मेरा उतना ही है, जितना पीएम मोदी का

मौलाना महमूद मदनी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मोहन भागवत और आरएसएस पर हमला करते हुए कहा, भारत मेरा भी देश है. यह जितना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मोहन भागवत का है, उतना ही महमूद मदनी का भी है. उन्होंने आगे कहा, न तो महमूद उनसे एक इंच आगे है और न ही वे हमसे एक इंच आगे हैं.

प्रमुख मुस्लिम संगठन जमीयत उलेमा-ए-हिंद (एमएम समूह) के अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी ने इस्लाम को सबसे पुराना धर्म बता दिया है. इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि भारत उनका भी उतना ही, जितना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का.

महमूद से पीएम मोदी एक इंच आगे नहीं हैं: मदनी

मौलाना महमूद मदनी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मोहन भागवत और आरएसएस पर हमला करते हुए कहा, भारत मेरा भी देश है. यह जितना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मोहन भागवत का है, उतना ही महमूद मदनी का भी है. उन्होंने आगे कहा, न तो महमूद उनसे एक इंच आगे है और न ही वे हमसे एक इंच आगे हैं.

इस्लाम देश का सबसे पुराना धर्म : मदनी

जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मदनी ने जमीयत के महाधिवेशन में कहा, इस्लाम देश का सबसे पुराना धर्म है. यह भूमि मुसलामनों की पहली मातृभूमि है. यह कहना सरासर गलत है कि इस्लाम ऐसा धर्म है, जो बाहर से आया है.

भारत मुसलमानों के सबसे अच्छा देश : मदनी

मौलाना महमूद मदनी ने कहा, भारत मुसलमानों के लिए सबसे अच्छा देश है. उन्होंने कहा, देश में मुसलमान खुद को सुरक्षित महसूस करते हैं.

मदनी ने कहा, वह जबरन धर्मांतरण के खिलाफ

जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी ने धर्मांतरण के बारे कहा, वह जबरन धर्मांतरण के खिलाफ हैं. उन्होंने कहा, आज देश में जो लोग स्वेच्छा से अपना धर्म परिवर्तन कर रहे हैं, उन्हें भी जेल में डाल दिया जा रहा है. उन्होंने हम जबरन धर्मांतरण करने के खिलाफ हैं. धर्म की स्वतंत्रता एक मौलिक अधिकार है. हम बल, धोखाधड़ी और लालच द्वारा धर्मांतरण के भी खिलाफ हैं.

अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा भड़काने वालों को दंडित करने के लिए अलग कानून बनाया जाए: जमीयत

प्रमुख मुस्लिम संगठन जमीयत उलेमा-ए-हिंद (एमएम समूह) ने ‘इस्लामोफोबिया’ में कथित वृद्धि पर चिंता जाहिर करते हुए मांग की कि अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा भड़काने वालों को विशेष रूप से दंडित करने के लिए एक अलग कानून बनाया जाए.

देश में मुसलमानों के विरुद्ध नफरत की घटनाएं बढ़ती जा रही : मदनी

जमीयत ने आरोप लगाया, देश में इस्लामोफोबिया और मुसलमानों के विरुद्ध नफरत और उकसावे की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। सबसे दुखद बात यह है कि यह सब सरकार की आंखों के सामने हो रहा है लेकिन वह खामोश है.

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लेखक के बारे में

By Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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