Manipur Violence: मणिपुर में नहीं चलेगी ट्रेन, जानें हिंसा के बाद कैसे हैं हालात

manipur violence: हिंसा के कारण 9,000 से अधिक लोगों को राहत कैंपों में शिफ्ट किया गया है. दरअसल, नगा और कुकी आदिवासियों द्वारा ‘आदिवासी एकजुटता मार्च’ निकाले जाने के बाद बुधवार को हिंसा भड़क गयी थी. हिंसा की वजह से ट्रेनों के परिचालन पर असर पड़ा है.

Manipur Violence: मणिपुर में आदिवासियों और बहुसंख्यक मेइती समुदाय के बीच बुधवार को भड़की हिंसा का असर रेलवे के परिचालन पर पड़ा है. जानकारी के अनुसार पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे ने मणिपुर जाने वाली सभी ट्रेनों को रोक दिया है. एनएफ रेलवे के सीपीआरओ सब्यसाची डे ने न्यूज एजेंसी एएनआई को इस बात जानकारी दी. उन्होंने कहा कि स्थिति में सुधार होने तक कोई ट्रेन मणिपुर में प्रवेश नहीं करेगी. मणिपुर सरकार द्वारा ट्रेन की आवाजाही रोकने की सलाह के बाद यह निर्णय लिया गया है.

आपको बता दें कि मणिपुर में नियंत्रित करने के लिए राज्य सरकार ने गुरुवार को दंगाइयों को देखते ही गोली मारने का आदेश दे दिया. इससे पहले, हिंसाग्रस्त आठ जिलों में कर्फ्यू लगा दिया गया और पूरे राज्य में पांच दिनों के लिए मोबाइल इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दी गयीं. वहीं, सरकार ने प्रदर्शनकारियों से निपटने के लिए सेना और असम राइफल्स के 55 ‘कॉलम’ को तैनात किया गया है.

9,000 से अधिक लोग राहत कैंपों में शिफ्ट

इस बीच, हिंसा के कारण 9,000 से अधिक लोगों को राहत कैंपों में शिफ्ट किया गया है. दरअसल, नगा और कुकी आदिवासियों द्वारा ‘आदिवासी एकजुटता मार्च’ निकाले जाने के बाद बुधवार को हिंसा भड़क गयी थी. पुलिस ने बताया कि चुराचांदपुर जिले के तोरबंग क्षेत्र में मार्च के दौरान हथियारबंद लोगों ने कथित तौर पर मेइती समुदाय के लोगों पर हमला कर दिया, जिसका जवाब मेइती समुदाय के लोगों ने दिया. इसके बाद पूरे राज्य में हिंसा भड़क गयी. लोगों ने दुकानों में तोड़फोड़ और आगजनी की. कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया. इसके बाद गुरुवार को भी पूरे राज्य में माहौल तनावभरा रहा.

अमित शाह ने की मुख्यमंत्रियों से बात

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मणिपुर के सीएम एन बीरेन सिंह, नगालैंड के सीएम नेफियू रियो, मिजोरम के सीएम जोरमथांगा और असम के सीएम हिमंत बिस्व सरमा से फोन पर बात की. उन्होंने हिंसा के बारे में जानकारी ली. उन्होंने कहा कि केंद्र मणिपुर की स्थिति पर नजर रख रहा है.

मेइती समुदाय को एसटी दर्जे की मांग का विरोध

मणिपुर की कुल आबादी में मेइती समुदाय के लोग 53% हैं. ये लोग एसटी दर्जे की मांग कर रहे हैं. इसका विरोध नगा और कुकी जनजाति के लोग कर रहे हैं. बुधवार को ‘ऑल ट्राइबल स्टूडेंट यूनियन मणिपुर’ ने ‘आदिवासी एकजुटता मार्च’ निकाला था. इस दौरान आदिवासी और गैर-आदिवासी समुदायों में झड़प हो गयी. दरअसल, मणिपुर हाइकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि मेइती समुदाय की मांग पर चार माह में केंद्र को सिफारिश भेजे.

Also Read: मणिपुर हिंसा: फर्जी वीडियो को लेकर सतर्क रहने की सलाह, उपद्रवियों को देखते ही गोली मारने का आदेश मेरीकॉम की अपील- कृपया मदद करें

ओलिंपिक पदक विजेता मुक्केबाज एमसी मेरीकॉम ने गुरुवार को केंद्र सरकार से मणिपुर में भड़की हिंसा पर काबू पाने में मदद करने की अपील की. मेरीकॉम ने हिंसा की तसवीर के साथ पीएम, गृह मंत्री और रक्षा मंत्री को टैग करते हुए ट्वीट किया कि मेरा मणिपुर जल रहा है, कृपया मदद करें.

भाषा इनपुट के साथ

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >