पिछले 50 दिनों से जारी मणिपुर हिंसा के बीच केंद्र सरकार ने हालात के मद्देनजर सर्वदलीय बैठक बुलाई है. बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह कर रहे हैं. बैठक में एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने हिस्सा नहीं लिया है शरद पवार की जगह मणिपुर एनसीपी चीफ सोरन इबोयाइमा सिंह और पार्टी महासचिव नरेंद्र वर्मा शामिल हुए है. वहीं टीएमसी की तरफ से ममता बनर्जी की जगह ड्रेक ओ-ब्रायन सर्वदलीय बैठक में शामिल हुए हैं. वहीं कांग्रेस की ओर से मणिपुर के मुख्यमंत्री रह चुके इकराम इबोबी सिंह सर्वदलीय बैठक में शामिल हुए हैं.
कांग्रेस की ओर से मणिपुर के मुख्यमंत्री रह चुके इकराम इबोबी सिंह बैठक में शामिल हुए
बैठक में मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा और CPI(M) सांसद जॉन ब्रिटास मणिपुर शामिल हुए. वहीं बात करें कांग्रेस की तो पार्टी काफी समय से मणिपुर को लेकर मोदी सरकार से सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग कर रही थी. इससे पूर्व मणिपुर के हालात को लेकर कांग्रेस समेत 10 विपक्षी दलों ने प्रधानमंत्री मोदी को चिट्ठी लिखी थी. जिसमें उनकी चुप्पी को लेकर आलोचना भी की गई थी. इस मुद्दे पर विपक्ष लगातार सरकार पर हमलावर हो रहा था. जिसके बाद गुरुवार को गृह मंत्री अमित शाह ने सर्वदलीय बैठक का आह्वान किया.
कांग्रेस पीएम के साथ सर्वदलीय बैठक चाहती थी
आपको बताएं की मणिपुर में पिछले 50 दिनों से जातीय हिंसा जारी है. यहां कुकी और मैतई समुदाय अपने-अपने हितों को लेकर टकराव कर रही है. टकराव का अंदाज इस बात से लगाया जा सकता है कि अबतक 100 लोगों की मौत हो चुकी है और लगभग 40 हजार से ज्यादा लोग बेघर हो चुके हैं. कांग्रेस का आरोप है कि वह मणिपुर के मुद्दे पर चर्चा के लिए 10 जून से ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से समय मांग रही थी लेकिन उन्होंने वक्त नहीं दिया गया. कांग्रेस चाहती थी कि पीएम मोदी के अमेरिका रवाना होने से पहले ही इस मुद्दे पर मणिपुर में ही सर्वदलीय बैठक हो, मगर ये बैठक पीएम मोदी के अमेरिका जाने बाद आयोजित की गई.
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